हिमाचल सरकार की बड़ी पहल: अब युवाओं को विदेश में मिलेगा सुरक्षित और वैध रोजगार ,उपमुख्यमंत्री अग्निहोत्री का ऐलान
ऊना/27/10/2025
ऊना। हिमाचल प्रदेश सरकार अब राज्य के युवाओं को विदेशों में सुरक्षित और भरोसेमंद रोजगार के अवसर दिलाने के लिए एक ठोस और पारदर्शी व्यवस्था लागू कर रही है। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने पालकवाह में आयोजित राज्यस्तरीय रोजगार अभियान कार्यक्रम के दौरान कहा कि अब युवाओं को विदेश भेजने की प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की दलाली, ठगी या अवैध एजेंसी की भूमिका नहीं होगी। सरकार स्वयं पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेगी, ताकि हर उम्मीदवार को सुरक्षित और उचित अवसर मिल सके।
अग्निहोत्री ने बताया कि यह पहल मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की नीति ‘हर युवा को हुनर, हर हुनर को अवसर’ के तहत शुरू की गई है। इस योजना का उद्देश्य न केवल युवाओं को अंतरराष्ट्रीय रोजगार बाजार से जोड़ना है, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि उन्हें अपने कौशल के अनुरूप सम्मानजनक वेतन और सुविधाएं मिलें।
पालकवाह में दूसरा विदेशी रोजगार कैंप
यह विशेष कार्यक्रम श्रम, रोजगार एवं ओवरसीज़ प्लेसमेंट विभाग और राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम लिमिटेड (HPSEDC) के संयुक्त प्रयास से आयोजित किया गया। यह पालकवाह में आयोजित दूसरा विदेशी रोजगार ड्राइव था, जबकि पहला 9 अक्टूबर को हमीरपुर में हुआ था।
पालकवाह कैंप में दुबई के जेबेल अली पोर्ट के लिए ट्रेलर चालक के 100 पदों हेतु प्रदेश के विभिन्न जिलों से 457 युवाओं ने भाग लिया। उम्मीदवारों की अंग्रेजी दक्षता और ड्राइविंग टेस्ट लिए गए, जिसके बाद चयनित उम्मीदवारों को दुबई में नियुक्ति के प्रोविजनल ऑफर लेटर दिए गए।
उपमुख्यमंत्री ने प्रतीकात्मक रूप से चार चयनित युवाओं को ये ऑफर लेटर प्रदान किए। चयनित उम्मीदवारों को 2,250 UAE दिरहम (लगभग ₹52,000) मासिक वेतन के साथ आवास, ओवरटाइम और अन्य भत्तों की सुविधा मिलेगी।
ठगी से बचाने को बनी नई नीति
अग्निहोत्री ने कहा कि पहले कई बार विदेशी रोजगार के नाम पर युवाओं से धोखाधड़ी और अवैध वीज़ा प्रथाओं की शिकायतें मिलीं, जिससे परिवारों को आर्थिक और मानसिक नुकसान उठाना पड़ा। अब सरकार ने पहली बार विदेशी रोजगार के लिए औपचारिक नीति बनाई है।
इसके तहत —
विदेश मंत्रालय द्वारा तय फीस और प्रक्रिया के अनुसार ही चयन होगा।
30 प्रमुख ट्रेडों की मांग के आधार पर अभ्यर्थियों का चयन किया जाएगा।
चयनित युवाओं के लिए डेडिकेटेड हेल्पलाइन नंबर और ऑनलाइन शिकायत पोर्टल बनाया जा रहा है।
राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स निगम इस पूरी प्रक्रिया के लिए एक सुरक्षित डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित कर रहा है।
पहले चरण में 29 युवाओं का चयन
हमीरपुर में आयोजित पहले ड्राइव में 29 उम्मीदवारों का चयन हो चुका है और उनका वीज़ा प्रोसेस पूरा कर लिया गया है। सरकार ने सुनिश्चित किया है कि विदेश जाने वाले युवाओं को किसी भी प्रकार की कठिनाई न हो, इसके लिए उनकी निगरानी और सहायता के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी।
अभियान का विस्तार और जागरूकता
कार्यक्रम में लेबर कमिश्नर डॉ. रविंद्र शर्मा ने बताया कि यह अभियान निरंतर जारी रहेगा। इच्छुक युवा विभाग की वेबसाइट या पोर्टल पर पंजीकरण कर सकते हैं, वहीं आगामी कैंप की जानकारी उन्हें फोन कॉल या SMS के माध्यम से दी जाएगी।
उपमुख्यमंत्री ने विभाग को निर्देश दिए कि यह पहल दूरदराज़ क्षेत्रों तक पहुंचे ताकि अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार के ये अवसर मिल सकें।
आर्थिक सुधार की दिशा में बड़ा कदम
यह पहल केवल रोजगार सृजन का माध्यम नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पारिवारिक आमदनी बढ़ाने का भी जरिया है। सरकार का उद्देश्य युवाओं को ऐसे अवसर प्रदान करना है, जो सुरक्षित, वैध और सम्मानजनक हों — ताकि उन्हें न केवल रोजगार मिले बल्कि विदेश में हिमाचल का नाम भी रोशन हो।