सावधान, क्या आपके बच्चे सुरक्षित हैं? पूर्व छात्र ही बन गया किडनैप
शिमला में प्रतिष्ठित बिशप कॉटन स्कूल के तीन छात्रों के अपहरण की सनसनीखेज वारदात सामने आई, जिसे पुलिस ने मुस्तैदी से नाकाम कर दिया। घटना ने अभिभावकों और शहरवासियों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है।
घटना की शुरुआत
आरोपी सुमित सूद, जो खुद इस स्कूल का पूर्व छात्र और बीटेक डिग्रीधारी है, कारोबार में भारी नुकसान और कर्ज में डूबने के बाद फिरौती के लिए बच्चों का अपहरण करने की योजना बना बैठा। मार्च में उसके सेब के बगीचे में आग लगने से भारी आर्थिक नुकसान हुआ और उसने शेयर मार्केट में भी काफी पैसा गंवा दिया।
रक्षा बंधन के दिन का प्लान
8 अगस्त को सुमित अपने घर से पिता की पिस्तौल, आठ राउंड, एक चाकू, मास्क, रस्सी और डक टेप लेकर गाड़ी से निकला। रक्षा बंधन के दिन दोपहर करीब 12:15 बजे उसने स्कूल गेट से तीन बच्चों को आते देखा और उन्हें आंकलैंड तक छोड़ने का झांसा देकर अपनी गाड़ी में बिठा लिया।
इसके बाद वह गाड़ी को खलीणी, टालैंड, संजौली बाइपास होते हुए ढली ले गया और फिर बच्चों को बताया कि वे किडनैप हो चुके हैं। कुफरी पहुंचने पर उसने पिस्तौल दिखाकर डराया और बच्चों को आंखों पर टेप लगाने के लिए मजबूर किया। फिर वह उन्हें कोटखाई ले गया, जहां से उसने वीपीएन (वर्चुअल प्राइवेट नंबर) का इस्तेमाल कर माता-पिता से संपर्क किया।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत 300 सीसीटीवी फुटेज खंगाले और लोकेशन का पता लगाकर कोटखाई पहुंच गई। यहां रौनिक नामक स्थानीय युवक की सतर्कता और मदद से पुलिस ने आरोपी को मौके पर ही पकड़ लिया। पूछताछ में सुमित ने बताया कि वह फिरौती बिटकॉइन में लेने की योजना बना रहा था।
स्कूल पर लापरवाही के आरोप
घटना में स्कूल प्रबंधन की लापरवाही भी सामने आई है, क्योंकि बच्चों को सप्ताह में एक बार आउटिंग के लिए अकेले भेजा जाता था। अब इस घटना के बाद स्कूल ने बड़े बच्चों के साथ भी स्टाफ भेजने का फैसला लिया है।
हमीरपुर में दूसरी घटना
अभी यह मामला शांत भी नहीं हुआ था कि हमीरपुर जिले के नादौन में 12 वर्षीय प्रवासी बच्चे के अगवा होने की खबर आई। यहां तीन स्थानीय युवकों ने अपहरण की कोशिश की, लेकिन गलती से वे किसी और बच्चे को उठा ले गए। गलती का एहसास होने पर उन्होंने बच्चे को छोड़ दिया। फिलहाल पुलिस तीनों से पूछताछ कर रही है।