एपीजी शिमला विश्वविद्यालय ने लीगल ओलंपियाड के साथ किया MoU साइन
विधिक शिक्षा और प्रतिस्पर्धात्मक अधिगम को मिलेगा नया आयाम
शिमला/28/10/2025
विधिक शिक्षा के स्तर को सुदृढ़ करने और छात्रों में प्रतिस्पर्धात्मक अधिगम को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एपीजी शिमला विश्वविद्यालय ने लीगल ओलंपियाड प्रा. लि. के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए। यह समझौता विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित एक औपचारिक कार्यक्रम के दौरान हुआ।
इस सहयोग के तहत दोनों संस्थान मिलकर विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की एक्सटर्नल लॉ ओलंपियाड परीक्षा और अन्य शैक्षणिक प्रतियोगिताओं में भाग लेने का अवसर प्रदान करेंगे। लीगल ओलंपियाड प्रा. लि. परीक्षा मंच के संचालन, मूल्यांकन, प्रमाणन और राष्ट्रीय रैंकिंग की जिम्मेदारी संभालेगा। वहीं, एपीजी शिमला विश्वविद्यालय विद्यार्थियों के प्रचार-प्रसार, पंजीकरण, परीक्षा आयोजन (ऑफलाइन या हाइब्रिड मोड में) तथा मेंटरिंग सत्रों के संचालन में सहयोग देगा।
समझौते के अनुसार, परीक्षा से संबंधित सभी बौद्धिक संपदा अधिकार (Intellectual Property Rights) लीगल ओलंपियाड प्रा. लि. के पास रहेंगे। साथ ही, छात्रों के डेटा और परीक्षा सामग्री की गोपनीयता का कड़ाई से पालन किया जाएगा। यह समझौता एक वर्ष की अवधि के लिए मान्य रहेगा, जिसे भविष्य में आपसी सहमति के आधार पर बढ़ाया जा सकेगा।
इस अवसर पर लीगल ओलंपियाड प्रा. लि. के संस्थापक श्री विनीत शर्मा और एपीजी शिमला विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. आर.एल. शर्मा ने MoU पर हस्ताक्षर किए। इस दौरान कुलपति प्रो. राजिंदर चौहान, डीन अकादमिक्स प्रो. आनंद मोहन, और डीन छात्र कल्याण डॉ. नीलम शर्मा भी उपस्थित रहे।
कुलपति प्रो. राजिंदर चौहान ने इस पहल को विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर बताया। उन्होंने कहा कि इस साझेदारी से छात्रों को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विधिक समझ, विश्लेषणात्मक क्षमता और प्रतिस्पर्धी दृष्टिकोण विकसित करने का मंच मिलेगा। उन्होंने कहा कि यह समझौता न केवल विश्वविद्यालय की विधिक शिक्षा को नई ऊँचाइयों पर ले जाएगा, बल्कि विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव और करियर निर्माण के नए अवसर भी उपलब्ध कराएगा।