पुलिस अब सिर्फ वर्दी नहीं, संवेदना का प्रतीक: लाहौल-स्पीति में ‘कॉफी विद कॉप्स’ से पुलिस और जनता के बीच भरोसे को मिला नया आयाम
लाहौल-स्पीति /29/10/2025
लाहौल-स्पीति के केलांग में जिला पुलिस ने एक नई और मानवीय पहल की शुरुआत करते हुए ‘कॉफी विद कॉप्स’ (Coffee with Cops) कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम ने पुलिस और नागरिकों के बीच रिश्तों को केवल कानून और व्यवस्था तक सीमित नहीं रखा, बल्कि संवाद, विश्वास और आपसी सम्मान के बंधन में जोड़ा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला पुलिस अधीक्षक शिवानी मेहला (IPS) ने की। उन्होंने कहा कि आज के समय में पुलिस की भूमिका केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के हर वर्ग के साथ संवेदनशील जुड़ाव बनाना भी आवश्यक है। “कॉफी विद कॉप्स पुलिस और जनता के बीच संवाद की खाई को पाटने का प्रयास है, जिससे पुलिसिंग और अधिक पारदर्शी और सहभागितापूर्ण बन सके,” उन्होंने कहा।
इस विशेष आयोजन में स्थानीय नागरिकों, छात्रों, शिक्षकों, मीडिया प्रतिनिधियों और पुलिस अधिकारियों ने एक साथ बैठकर सामाजिक मुद्दों पर चर्चा की। लोगों ने खुलकर अपने विचार और सुझाव साझा किए, वहीं पुलिस ने भी जनता की चिंताओं को ध्यानपूर्वक सुना।
कार्यक्रम में स्कूल विद्यार्थियों के लिए भाषण और पेंटिंग प्रतियोगिताएं रखी गईं, जिनका विषय था “समाज में पुलिस की भूमिका”। बच्चों ने रचनात्मकता और भावनाओं के साथ पुलिस को एक संरक्षक और मार्गदर्शक के रूप में प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम में उत्कृष्ट सेवाएं देने वाले कर्तव्यनिष्ठ पुलिस कर्मियों को सम्मानित किया गया, साथ ही सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी, मीडिया प्रतिनिधि और पंचायत सदस्यों को भी पुलिस-जनता के बीच सहयोग बढ़ाने के लिए सम्मान दिया गया।
स्थानीय लोगों ने इस पहल को “दिलों को जोड़ने वाला कदम” बताते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से पुलिस की छवि और अधिक मानवीय और विश्वासयोग्य बनती है।
कार्यक्रम के अंत में कॉफी की चुस्कियों के साथ खुला संवाद हुआ, जिसमें लोगों ने अपने विचार बेझिझक रखे और पुलिस ने भरोसेमंद सहयोग का आश्वासन दिया।
‘कॉफी विद कॉप्स’ ने लाहौल-स्पीति में यह संदेश दिया कि पुलिस अब केवल कानून लागू करने वाली संस्था नहीं, बल्कि समाज की संवेदनाओं को समझने वाली साझेदार बन चुकी है।