धारा 118 में बदलाव की चर्चा पर राजनीतिक हंगामा: बीजेपी प्रवक्ता संजय शर्मा बोले – सुक्खू सरकार हिमाचल को बेचने की राह पर
शिमला/29/10/2025
शिमला। हिमाचल प्रदेश में भूमि सुधार अधिनियम की धारा 118 को लेकर एक बार फिर राजनीतिक हलचल तेज़ हो गई है। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता संजय शर्मा ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि “कांग्रेस सरकार धारा 118 में परिवर्तन कर हिमाचल की भूमि को बाहरी व्यक्तियों के हाथों में बेचने की साजिश रच रही है।”
संजय शर्मा ने कहा कि यह वही प्रावधान है जिसे तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. वाई.एस. परमार ने हिमाचल प्रदेश के किसानों और बागवानों के हितों की रक्षा के लिए लागू किया था। इसका उद्देश्य राज्य की भूमि को बाहरी लोगों से बचाना और हिमाचली पहचान को सुरक्षित रखना था। उन्होंने कहा कि अब वही कांग्रेस पार्टी, जो कभी इस कानून की जनक थी, आज उसी को कमजोर करने की कोशिश में जुटी है।
“हिमाचल फॉर सेल” की दिशा में सरकार बढ़ा रही कदम — संजय शर्मा
बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री सुक्खू अपनी पार्टी हाईकमान और कांग्रेस से जुड़े व्यापारी वर्ग के दबाव में हैं। “सरकार का असली मकसद हिमाचल की भूमि को निजी निवेशकों और बाहरी पूंजीपतियों को बेचना है। धारा 118 में संशोधन की यह कवायद ‘हिमाचल फॉर सेल’ जैसी मानसिकता को दर्शाती है।”
उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि, “जब भी मुख्यमंत्री विदेश दौरे से लौटते हैं, हिमाचल की ज़मीन बेचने का नया प्लान लेकर आते हैं।” संजय शर्मा ने आरोप लगाया कि दुबई दौरे के बाद सुक्खू सरकार ने हिमाचल कृषि विश्वविद्यालय की ज़मीन को पर्यटन विकास के नाम पर निजी कंपनियों को देने का फैसला किया था। जब लोगों ने विरोध किया और मामला हाईकोर्ट पहुंचा, तो सरकार ने न्यायालय के निर्णय को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे दी — “यह बताता है कि सरकार निजी कारोबारियों के हितों के लिए कितनी प्रतिबद्ध है,” उन्होंने कहा।
यूके दौरे के बाद धारा 118 में बदलाव की कवायद
बीजेपी प्रवक्ता ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री के हालिया यूके दौरे के बाद से ही धारा 118 में संशोधन को लेकर फाइलें चल रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सुक्खू सरकार हर बार ‘विकास’ और ‘निवेश’ के नाम पर हिमाचल की भूमि को नीलाम करने की कोशिश करती है।
सरकार के अन्य फैसलों पर भी सवाल
संजय शर्मा ने यह भी कहा कि इससे पहले सरकार ने बिजली बोर्ड में भी इसी तरह का कदम उठाया था। पहले राज्य सरकार खुद बिजली बेचती थी, जिससे प्रदेश को आर्थिक लाभ होता था, लेकिन अब यह काम निजी हाथों में सौंप दिया गया है। “सरकार ने एक कंसल्टेंट नियुक्त कर दिया, जिसके चलते हिमाचल को करोड़ों का नुकसान हो रहा है,” उन्होंने कहा।
इसके अलावा उन्होंने पर्यटन निगम के होटलों को भी निजी हाथों में देने के प्रयासों पर सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि “प्रदेश के हितों के साथ खिलवाड़ कांग्रेस सरकार के गठन के समय से ही जारी है।”
उपमुख्यमंत्री की चुप्पी पर भी साधा निशाना
संजय शर्मा ने उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री को भी आड़े हाथों लेते हुए कहा कि “जो नेता विपक्ष में रहते हुए विधानसभा के अंदर और बाहर ‘हिमाचल फॉर सेल’ का नारा लगाते थे, आज वही चुप हैं। या तो वे किसी दबाव में हैं या उनके निजी हित मुख्यमंत्री द्वारा साधे जा रहे हैं।”
बीजेपी का ऐलान — जनता के हितों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि “भारतीय जनता पार्टी हिमाचल के हितों से खिलवाड़ करने वाले किसी भी फैसले का पुरज़ोर विरोध करेगी। पार्टी हर मंच पर सरकार की नीतियों का पर्दाफाश करेगी और जरूरत पड़ी तो सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन किया जाएगा।”
उन्होंने कहा कि “सुक्खू सरकार में हर वर्ग हताश और निराश है। सरकार अपनी घोषणाओं से पीछे हट रही है और केवल अपने चहेतों को लाभ पहुंचाने में जुटी है। जनता अब सब समझ चुकी है — हिमाचल बिकेगा नहीं, हिमाचल जागेगा।”