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बिलासपुर में डेंगू की वापसी: सात साल बाद फिर फैला खतरा, 16 मरीज मिले पॉजिटिव — स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर

बिलासपुर/30/10/2025

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बिलासपुर। हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर शहर में सात साल बाद डेंगू ने एक बार फिर दस्तक दे दी है। वर्ष 2018 के बाद शहर में पहली बार डेंगू के 16 मामले सामने आए हैं, जिसके बाद लोगों में दहशत और सतर्कता दोनों बढ़ गई हैं। शहर के वार्ड नंबर–1, 2 और 3 डेंगू प्रभावित क्षेत्र बताए जा रहे हैं। इनमें से वार्ड नंबर–2 में स्थिति सबसे गंभीर है, जहां एक साथ 6 लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई है।

मौत की अफवाह, स्वास्थ्य विभाग ने किया स्पष्ट


इसी बीच वार्ड नंबर–2 में एक व्यक्ति की मौत की खबर ने शहर में डर का माहौल पैदा कर दिया। हालांकि, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. शशि दत्त शर्मा ने बताया कि यह मौत डेंगू के कारण नहीं हुई है। विभाग के अनुसार मृतक में डेंगू के लक्षण नहीं मिले, लेकिन मृतक का भाई फिलहाल डेंगू से संक्रमित है और उसका इलाज चल रहा है। इससे लोगों में फैली अफवाहों पर विराम लगा है।

घर-घर जागरूकता अभियान और फॉगिंग शुरू

बढ़ते मामलों को देखते हुए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने कमान संभाल ली है। उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने बुधवार को सिविल डिस्पेंसरी क्षेत्र का औचक निरीक्षण किया और टीमों को निर्देश दिए कि:

घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करें

साफ़-सफाई में लापरवाही मिलने पर जुर्माना लगाने से भी न हिचकें

प्रभावित क्षेत्रों में तुरंत फॉगिंग और सफाई अभियान चलाएं

पिछले 15 दिनों से स्वास्थ्य विभाग बुखार के हर मरीज का रिकॉर्ड रख रहा है और ज़रूरत पड़ने पर घर पर ही प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।

डेंगू के संकेत कैसे पहचानें? (लक्षण)

डॉ. शशि दत्त शर्मा ने बताया कि संक्रमण के प्रमुख लक्षण इस प्रकार हैं:

तेज़ बुखार (कभी–कभी 105°F तक)

आंखों और सिर में तेज़ दर्द

मांसपेशियों और जोड़ों में अत्यधिक दर्द

जी मिचलाना या उल्टी

शरीर पर लाल चकत्ते दिखना

सावधान रहें — डेंगू से बचाव ही सुरक्षा

स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे इन बातों का ध्यान रखें:

घर में कहीं भी पानी जमा न होने दें — कूलर, टंकी, गमले, टायर आदि खाली रखें।

सुबह और शाम पूरी बाजू के कपड़े पहनें।

सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें।

बुखार होने पर केवल पैरासिटामोल लें — एस्पिरिन और इबुप्रोफेन जैसी दर्दनिवारक दवाओं से बचें।

लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच करवाएं।

स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन पूरी सावधानी और जन सहयोग से ही इस संक्रमण पर लगाम लगाई जा सकती है।

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