शराबी शिक्षक की हरकतों से भड़कीं महिलाएं: बच्चों को गाली देने पर स्कूल में किया बंद
टिहरी/30/10/2025
उत्तराखंड के टिहरी जिले से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक प्राइमरी स्कूल में तैनात शिक्षक की शराबखोरी और अभद्रता से परेशान ग्रामीणों ने बड़ा कदम उठाया। बताया जा रहा है कि शिक्षक नशे में धुत होकर स्कूल पहुंचा और बच्चों को गालियां देने लगा। जब यह बात बच्चों ने घर जाकर बताई, तो गुस्साई महिलाएं स्कूल पहुंचीं और आरोपी शिक्षक को कमरे में बंद कर दिया।
घटना टिहरी जनपद के प्राथमिक विद्यालय केमरिया शौड सुनार गांव की है। ग्रामीणों ने बताया कि शिक्षक पहले भी कई बार शराब पीकर स्कूल आता था, लेकिन इस बार उसकी हरकतें हद पार कर गईं। सुबह-सुबह कक्षा में पहुंचते ही उसने बच्चों के साथ बदसलूकी शुरू कर दी और उन्हें भद्दी-भद्दी गालियां देने लगा।
महिलाओं ने बच्चों को बाहर निकालकर लगाया ताला
जब बच्चों ने यह बात घर पर बताई, तो गांव की दर्जनों महिलाएं स्कूल पहुंचीं। उन्होंने पहले बच्चों को स्कूल से बाहर निकाला और फिर गुस्से में आकर शिक्षक को स्कूल के कमरे में बंद कर दिया। मौके पर मौजूद महिलाओं ने बताया कि जब उन्होंने शिक्षक से उसकी हरकतों के बारे में पूछा, तो वह बहस करने लगा और खिड़की से खड़ा होकर महिलाओं को भी गालियां देने लगा।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल
इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में महिलाएं शिक्षक को समझाती नजर आ रही हैं, जबकि वह उल्टा उन्हें ही अपशब्द कहता दिख रहा है। वीडियो सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है और लोग शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं।
ग्रामीणों ने मांगी कार्रवाई
ग्रामीणों का कहना है कि यह शिक्षक पहले भी कई बार शराब के नशे में स्कूल पहुंच चुका है, लेकिन विभाग की ओर से कोई सख्त कदम नहीं उठाया गया। अब उन्होंने मांग की है कि शिक्षक को तत्काल निलंबित किया जाए, ताकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
प्रशासन में मचा हड़कंप
वीडियो वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग हरकत में आ गया है। स्थानीय अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है। विभागीय सूत्रों के अनुसार, शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई तय मानी जा रही है और जांच रिपोर्ट के बाद उसके निलंबन की सिफारिश की जाएगी।
ग्रामीणों का कहना है कि “जो व्यक्ति खुद को संभाल नहीं सकता, वह बच्चों को कैसे संभालेगा?”— इस घटना ने न केवल गांव बल्कि पूरे इलाके में सरकारी स्कूलों की स्थिति पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।