NEWS CHOICE

निष्पक्ष खबर, बेबाक अंदाज

“बिहार में झूठ की गंगा बहा आए हिमाचल के मुख्यमंत्री” — जयराम ठाकुर का सुक्खू सरकार पर तीखा वार

धर्मशाला/30/10/2025

jai eammm

धर्मशाला। हिमाचल प्रदेश की राजनीति में इन दिनों बयानबाज़ी का दौर तेज़ हो गया है। पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुक्खू ने बिहार की धरती पर जाकर झूठ का सागर बहा दिया है और अपनी सरकार की असफलताओं को छिपाने के लिए बार-बार झूठ बोलकर जनता को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं।

जयराम ठाकुर ने कहा कि सुक्खू सरकार हिटलर के प्रचार मंत्री गोएबल्स के सिद्धांतों पर चल रही है — जो झूठ को बार-बार बोलकर सच साबित करने की कोशिश करता था। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सदन से लेकर सड़क तक, देश से विदेश तक, हर मंच पर जनता को भ्रमित कर रहे हैं। लेकिन आज के तकनीकी युग में उनकी “प्रोपेगेंडा राजनीति” अब चलने वाली नहीं है, क्योंकि प्रदेश की जनता सोशल मीडिया पर खुद उनका “फैक्ट चेक” कर चुकी है।

उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने बिहार में अपनी उपलब्धियों के झूठे दावे किए — जिनमें महिलाओं को ₹1500 की पेंशन देने और ओल्ड एज पेंशन योजना का श्रेय खुद लेने जैसी बातें शामिल हैं। जयराम ठाकुर ने कहा कि “महिलाओं के लिए ₹1500 पेंशन योजना हमारी सरकार में शुरू हुई थी, और वृद्धावस्था पेंशन की आयु सीमा हमने 80 से घटाकर 60 वर्ष की थी। भाजपा सरकार ने बुजुर्गों की पेंशन राशि ₹1000 से बढ़ाकर ₹1700 की थी, और सामाजिक सुरक्षा का बजट 436 करोड़ से बढ़ाकर 1337 करोड़ तक पहुंचाया था।”

जयराम ठाकुर ने सुक्खू सरकार पर आरोप लगाया कि आज वृद्धजन महीनों से पेंशन का इंतज़ार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि “मुख्यमंत्री जितना झूठ बोलते हैं, उनके हर बयान का जवाब देना संभव नहीं, लेकिन अगर वे ओपीएस बहाली का दावा करते हैं तो बताएं कि पेंशनर्स आज सड़कों पर क्यों हैं? उनके मेडिकल बिल सालों से लंबित क्यों हैं?” उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में सुक्खू सरकार को “विफल” बताया। जयराम ठाकुर के अनुसार, “प्रदेश में 1500 से ज्यादा स्कूल और 400 से अधिक स्वास्थ्य संस्थान बंद किए गए। सरकारी स्कूलों में छात्रों का एनरोलमेंट 30 प्रतिशत तक घटा है। डेढ़ लाख पद समाप्त कर दिए गए, 15,000 लोगों को नौकरी से निकाला गया और ₹35,000 करोड़ का कर्ज लेकर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को कर्ज़ के बोझ तले दबा दिया गया।”

उन्होंने कहा कि “हर दिन एक से अधिक स्कूल बंद करना, हर तीन दिन में एक स्वास्थ्य केंद्र बंद करना, हर दिन 143 नौकरियों को खत्म करना और औसतन ₹33 करोड़ का कर्ज़ लेना — यही सुक्खू सरकार की असली उपलब्धि है।”

नेता प्रतिपक्ष ने यह भी कहा कि सुक्खू सरकार ने “हिम केयर”, “सहारा”, “शगुन”, “कन्यादान”, “वृद्धा पेंशन”, “स्वावलंबन”, “स्टार्टअप”, “बेटी है अनमोल”, “प्राकृतिक खेती” और “सोलर फेंसिंग” जैसी योजनाओं को या तो बंद कर दिया है या पंगु बना दिया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यह सरकार “व्यवस्था परिवर्तन” नहीं बल्कि “विनाश परिवर्तन” लेकर आई है।

अंत में जयराम ठाकुर ने अपने दौरे के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार से भी मुलाकात की। उन्होंने पालमपुर स्थित उनके निवास पर जाकर संगठन, समाज और प्रदेश के विकास से जुड़े विषयों पर चर्चा की। ठाकुर ने कहा कि “शांता कुमार जैसे वरिष्ठ नेताओं से मार्गदर्शन लेना पार्टी के लिए हमेशा प्रेरणादायक रहता है।

ramram
Scroll to Top