म्यांमार में फंसे हिमाचल के दो युवक: परिजनों ने लगाई मदद की गुहार, अनुराग ठाकुर ने दिलाया सुरक्षित वापसी का भरोसा
हमीरपुर/31/10/2025
हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले में चिंता और बेचैनी का माहौल है। जिले के दो युवक म्यांमार में फंस गए हैं, जहां कथित तौर पर चीनी नेटवर्क द्वारा संचालित साइबर फ्रॉड हब में जबरन काम करवाए जाने का आरोप है। परिजनों ने अब उनकी सुरक्षित घर वापसी के लिए सांसद व पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर से गुहार लगाई है।
मामला हमीरपुर जिला के चंबोह गांव और एक अन्य गांव से जुड़ा है। परिजनों के अनुसार, युवकों को चंडीगढ़ में एक कंपनी ने नौकरी का प्रस्ताव दिया था और कहा गया था कि उन्हें थाईलैंड भेजा जाएगा। लेकिन नौकरी के नाम पर धोखे से उन्हें सीधे म्यांमार ले जाया गया। वहां पहुंचने के बाद न केवल युवकों से जबरन साइबर फ्रॉड से जुड़ा काम करवाया गया, बल्कि हाल के दिनों में उनकी बात-चीत भी परिजनों से बंद हो गई है, जिसके बाद परिवार परेशान है।
अणु में आयोजित “रन फॉर यूनिटी” कार्यक्रम के दौरान चंबोह गांव से पहुंचे परिजनों ने सांसद अनुराग ठाकुर को पूरी स्थिति से अवगत करवाया। परिजनों ने बताया कि कुछ समय पहले बेटे से बात हुई थी, लेकिन अब संवाद पूरी तरह बंद हो चुका है। एक बुजुर्ग महिला का दर्द छलक पड़ा—
“न नौकरी है, न संपर्क… अब तो पता नहीं वो कहां और कैसे है।”
परिजनों ने बताया कि युवकों को दो महीने पहले उस साइबर फ्रॉड हब से निकाल दिया गया है और अब वह किसी सुरक्षित स्थान पर नहीं हैं।
सांसद अनुराग ठाकुर ने दी राहत—‘सभी भारतीयों की वापसी होगी’
इस भावुक अपील पर प्रतिक्रिया देते हुए अनुराग ठाकुर ने कहा—
करीब 500 भारतीय नागरिक, जो म्यांमार से निकलकर थाईलैंड में फंसे हुए हैं, उनकी वापसी की प्रक्रिया भारत सरकार द्वारा शुरू कर दी गई है।
फंसे युवकों को सुरक्षित भारत लाने के लिए विदेश मंत्रालय लगातार कार्रवाई कर रहा है।
क्या है म्यांमार साइबर फ्रॉड माफिया का पूरा खेल?
म्यांमार में एक बड़ा साइबर फ्रॉड हब संचालित किया जा रहा है।
इसे कथित तौर पर चीनी माफिया नेटवर्क चलाता है।
भारत सहित कई देशों से युवाओं को “विदेश में आकर्षक नौकरी” का झांसा देकर बुलाया जाता है।
वहां पहुंचने पर मोबाइल/ऑनलाइन धोखाधड़ी करने के लिए मजबूर किया जाता है।
परिजनों को अब बस एक ही आस है—उनका बेटा सुरक्षित घर लौट आए।
अनुराग ठाकुर ने भरोसा दिया है कि सरकार इस मामले को प्राथमिकता के आधार पर देख रही है और जल्द ही सभी भारतीय वतन लौट आएंगे।