हिमाचल का डेयरी मिशन तेज — किन्नौर में बनेगा नया दूध प्लांट, सेना तक पहुँचेगा ताज़ा दुग्ध उत्पाद
शिमला/01/11/2025
शिमला। हिमाचल प्रदेश सरकार ने डेयरी सेक्टर में बड़ा कदम उठाते हुए एक नई कार्ययोजना पर मुहर लगा दी है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मिल्कफेड की समीक्षा बैठक के दौरान बताया कि अब दुग्ध उत्पादों की सप्लाई चेन को सुदृढ़ करते हुए सेना तक दूध और उससे बने उत्पादों की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
बैठक में सबसे बड़ा निर्णय यह लिया गया कि किन्नौर जिले के कड़छम या टापरी में नया दुग्ध प्रसंस्करण केंद्र स्थापित किया जाएगा। इस केंद्र के शुरू होने से न केवल स्थानीय किसानों और पशुपालकों को सीधा लाभ मिलेगा, बल्कि सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनात सेना को भी ताज़ा दूध उत्पाद उपलब्ध कराना आसान हो जाएगा।
इसके साथ ही सरकार ने दत्तनगर में मौजूद दोनों दूध प्रसंस्करण संयंत्रों को आउटसोर्सिंग मॉडल पर चलाने की संभावना पर विचार शुरू कर दिया है, ताकि उत्पादन क्षमता और दक्षता बढ़ाई जा सके। वहीं मंडी जिले में मिल्क पाउडर प्लांट लगाने का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है, जिससे अतिरिक्त दूध को सुरक्षित रूप में संग्रहित कर किसानों को बेहतर लाभ मिल सके।
सरकार की पहलों का असर पहले से दिखाई दे रहा है। पिछले दो वर्षों में:
29 बल्क मिल्क कूलर लगाए गए,
222 ऑटोमैटिक मिल्क कलेक्शन यूनिट्स स्थापित की गईं,
दुग्ध सहकारी समितियों की संख्या बढ़कर 716 पहुंच गई,
और 40,000 से अधिक किसान सीधे मिल्कफेड से जुड़ गए हैं।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि लक्ष्य केवल दूध खरीद बढ़ाना नहीं, बल्कि किसानों की आय में वास्तविक बढ़ोतरी और डेयरी सेक्टर को उद्योग का रूप देना है। सरकार चाहती है कि हिमाचल आने वाले समय में डेयरी उत्पादों का हब बने और देश की सेना को दुग्ध उत्पादों की आपूर्ति का केंद्र भी।