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बद्दी में बंद फार्मा यूनिट से अवैध दवा निर्माण का भंडाफोड़ — दवा नियंत्रण विभाग की बड़ी कार्रवाई

बीबीएन/02/11/2025

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औद्योगिक क्षेत्र बद्दी में दवा नियंत्रण प्रशासन ने उस फार्मा यूनिट का पर्दाफाश कर दिया है, जिसे सरकार ने महीनों पहले ही उत्पादन बंद करने का आदेश दे दिया था। हैरानी की बात यह है कि आदेशों के बावजूद फैक्ट्री के अंदर मशीनें लगातार चल रही थीं और दवाओं का गुप्त रूप से निर्माण किया जा रहा था।

यह खुलासा तब हुआ, जब राजस्थान दवा नियंत्रण प्रशासन को बाज़ार में बिक रही Levosetirizine Tablets (ब्रांड — Vinset-L) का सैंपल फेल मिला। दवा को निम्न गुणवत्ता वाला यानी सब-स्टैंडर्ड घोषित किया गया और रिपोर्ट हिमाचल को भेजी गई। इसके बाद हिमाचल के दवा नियंत्रण विभाग ने तुरंत कार्रवाई शुरू की।

शनिवार सुबह विशेष टीम ने यूनिट पर औचक छापा मारा। छापेमारी के दौरान फैक्ट्री के अंदर चल रही मशीनें, कच्चा माल, तैयार दवाएं और रिकॉर्ड रजिस्टर बरामद किए गए। इससे यह साफ हो गया कि यूनिट 29 मार्च 2025 के “स्टॉप मैन्युफैक्चरिंग ऑर्डर” को पूरी तरह से नजरअंदाज कर रही थी। यह यूनिट पहले भी निरीक्षण के दौरान बंद पाई गई थी, लेकिन अब पता चला कि आदेशों की अनदेखी कर फिर से उत्पादन शुरू कर दिया गया था।

राज्य दवा नियंत्रक डॉ. मनीष कपूर ने बताया कि अवैध उत्पादन का यह मामला बेहद गंभीर है और विभाग ज़ीरो टॉलरेंस नीति पर कार्रवाई कर रहा है। अवैध दवाओं की जब्ती शुरू कर दी गई है और दोष सिद्ध होने पर फैक्ट्री का लाइसेंस रद्द किया जा सकता है।

इस कार्रवाई को राजस्थान और हिमाचल के बीच मजबूत इंटर-स्टेट इंटेलिजेंस और मॉनिटरिंग सिस्टम का परिणाम माना जा रहा है। हाल ही में दवा नियामक अधिकारियों की उत्तरी राज्यों की बैठक के बाद राज्यों के बीच सूचना साझा करने का तंत्र और सख्त किया गया है।

यह पूरी कार्रवाई साफ संकेत देती है कि हिमाचल में दवा निर्माण के क्षेत्र में गुणवत्ता और जनस्वास्थ्य के साथ किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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