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सुक्खू सरकार का कड़ा प्रशासनिक एक्शन: 7 जिलों के एसपी समेत 77 पुलिस अधिकारियों का ट्रांसफर

अभिषेक त्रिवेदी को एडीजी जेल का नया कार्यभार सौंपा

शिमला/06/11/2025

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शिमला। हिमाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू की सरकार ने पुलिस विभाग में एक बड़ा फेरबदल कर दिया है। बुधवार को जारी आदेशों के तहत प्रदेशभर में 7 जिलों के पुलिस अधीक्षकों (एसपी) समेत 62 एएसपी और डीएसपी के तबादले किए गए हैं। यह निर्णय कार्यवाहक मुख्य सचिव संजय गुप्ता ने सरकारी अवकाश के दिन जारी किया, जिससे यह स्पष्ट है कि सरकार प्रशासनिक स्तर पर तेजी और सख्ती से काम कर रही है।

सरकार की ओर से जारी इस आदेश में नूरपुर, कांगड़ा, कुल्लू, किन्नौर, बद्दी, हमीरपुर और चंबा के पुलिस कप्तानों को बदला गया है। इनमें कुछ अफसरों को नई जिम्मेदारी दी गई है, जबकि कुछ को ट्रांसफर के बाद फिलहाल पोस्टिंग नहीं मिली है। सबसे अहम बदलाव में एडीजीपी लॉ एंड ऑर्डर अभिषेक त्रिवेदी को एडीजी जेल के पद पर नियुक्त किया गया है, जो इस फेरबदल का केंद्र बिंदु माना जा रहा है।

कांगड़ा के लिए अशोक रतन को नया एसपी बनाया गया है, जबकि बलवीर सिंह को हमीरपुर, विनोद कुमार को बद्दी, कुलभूषण वर्मा को नूरपुर, विजय कुमार को चंबा, मदन लाल को कुल्लू और सुशील कुमार को किन्नौर जिले की कमान सौंपी गई है। वहीं चंबा के एसपी अभिषेक यादव को एआईजी पुलिस मुख्यालय में भेजा गया है।

सरकार ने दो आईपीएस अधिकारियों को कंपल्सरी वेटिंग ऑफिसर बनाकर पुलिस मुख्यालय में रिपोर्ट करने को कहा है। इनमें कुल्लू के एसपी कार्तिकेयन गोकुलचंद्रन और सहायक पुलिस महानिरीक्षक मानव वर्मा शामिल हैं। यह फैसला संकेत देता है कि सरकार अब प्रदर्शन और कार्यशैली के आधार पर निर्णय ले रही है।

इस बड़े फेरबदल की एक और अहम बात यह है कि सुक्खू सरकार ने एचपीएस (हिमाचल प्रदेश पुलिस सेवा) के कई अफसरों को जिलों की कमान सौंपकर एक नई मिसाल कायम की है। 2006 बैच के मदन लाल को कुल्लू भेजा गया है, 2007 बैच के सुशील कुमार को किन्नौर, 2007 बैच के विजय कुमार को चंबा, 2008 बैच के कुलभूषण वर्मा को नूरपुर, 2007 बैच के विनोद कुमार को बद्दी और 2007 बैच के बलवीर सिंह को हमीरपुर जिले का पुलिस प्रमुख बनाया गया है।

लंबे समय बाद एक साथ इतने बड़े स्तर पर पुलिस अधिकारियों के तबादले होने से विभाग में हलचल मच गई है। सूत्रों के मुताबिक, यह फेरबदल सरकार की उस नीति का हिस्सा है, जिसके तहत फील्ड में सक्रिय और परिणाम देने वाले अधिकारियों को प्राथमिकता दी जा रही है।

राजनीतिक गलियारों में यह कदम चर्चा का विषय बन गया है क्योंकि मुख्यमंत्री सुक्खू ने आईपीएस अधिकारियों की बजाय कई जिलों में स्थानीय एचपीएस अधिकारियों पर भरोसा जताया है। इससे यह संकेत जाता है कि सरकार अब स्थानीय अनुभव और जमीन से जुड़े नेतृत्व को अधिक महत्व दे रही है।

इस व्यापक फेरबदल से यह स्पष्ट हो गया है कि सुक्खू सरकार प्रशासनिक ढांचे में तेजी और पारदर्शिता लाने के लिए तैयार है। पुलिस महकमे में यह बदलाव आने वाले दिनों में प्रदेश की कानून-व्यवस्था और पुलिसिंग व्यवस्था पर बड़ा असर डाल सकता है।

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