सुक्खू सरकार केंद्र के फंड पर ले रही श्रेय : संजय शर्मा
शिमला। प्रदेश भाजपा प्रवक्ता संजय शर्मा ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विधानसभा सत्र के दौरान केंद्र सरकार द्वारा वित्तपोषित योजनाओं का श्रेय लेने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की स्थिति यह है कि वह अपने खर्चे से सड़कों की मरम्मत तक नहीं करवा पा रही, जबकि विधानसभा सत्र से पहले धर्मशाला की सड़कों को चमकाने का काम भी स्मार्ट सिटी के तहत मिले केंद्रीय फंड से हो रहा है।
संजय शर्मा ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के पास बताने योग्य कोई ठोस उपलब्धि नहीं है, इसलिए वे केंद्र द्वारा दी गई राशि से बनाई गई योजनाओं को अपनी उपलब्धियों में जोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि धर्मशाला के लिए केंद्र की कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं मुख्यमंत्री ने रोक रखी हैं।
उन्होंने बताया कि -
यूनिटी मॉल के लिए केंद्र सरकार ने ₹150 करोड़ पहले ही दे दिए हैं, लेकिन उसका काम जानबूझकर रोका जा रहा है।
अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर जिस पर ₹200 करोड़ से अधिक खर्च होना है, उसे भी ठप किया गया है।
केंद्रीय विश्वविद्यालय के धर्मशाला कैंपस के लिए प्रदेश सरकार को वन एवं पर्यावरण मंत्रालय को ₹30 करोड़ देने थे, लेकिन ढाई साल से यह राशि लंबित है, जिससे कैंपस का काम शुरू नहीं हो पा रहा।
संजय शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री धर्मशाला उपचुनाव का “बदला” जनता से ले रहे हैं और चाहते हैं कि शहर को केंद्र की इन योजनाओं का लाभ न मिले। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री नहीं चाहते कि केंद्रीय विश्वविद्यालय की सुविधाओं का लाभ धर्मशाला के छात्रों को मिले, इसलिए वे लगातार नए बहाने बनाकर काम रोक रहे हैं।
भाजपा प्रवक्ता ने यह भी कहा कि विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान उद्घाटन होने वाला समृद्धि भवन भी स्मार्ट सिटी के केंद्रीय फंड से बना है, इसलिए इसके उद्घाटन में केंद्रीय मंत्री व सांसदों को विश्वास में लेना आवश्यक है। लेकिन सरकार इसे भी अपनी उपलब्धि के रूप में दिखाने की कोशिश कर रही है।
संजय शर्मा ने कहा कि जहाँ-जहाँ से मुख्यमंत्री और उनका काफिला गुजरता है, उन मार्गों को केंद्र के पैसे से ठीक किया जा रहा है, जबकि आम जनता टूटी सड़कों पर परेशानी झेल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन भी इस पूरे मामले में आँखें बंद किए हुए है।
अंत में संजय शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री को कांगड़ा को “ब्रिटेन की राजधानी” बनाने जैसे बयान देने के बजाय जमीन पर काम करना चाहिए, ताकि जनता का विश्वास जीत सकें, लेकिन मौजूदा हालात देखकर ऐसा कुछ नज़र नहीं आता।