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बिहार का सबसे छोटा जिला शिवहर: आस्था, राजनीति और विकास का उभरता केंद्र

बिहार/15/11/2025

SHIVSAR

बिहार का सबसे छोटा जिला शिवहर अपने छोटे क्षेत्रफल के बावजूद धार्मिक आस्था, राजनीतिक प्रभाव और विकास की संभावनाओं के कारण लगातार चर्चा में बना रहता है। तिरहुत प्रमंडल में स्थित यह जिला 6 अक्टूबर 1994 को सीतामढ़ी से अलग होकर अस्तित्व में आया था। केवल 443 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले शिवहर की पहचान उसके आकार नहीं, बल्कि उसकी विशिष्टताओं से तय होती है।

महादेव की नगरी—देकुली धाम बना लोगों की आस्था का सबसे बड़ा सहारा

शिवहर की धार्मिक पहचान की सबसे बड़ी वजह है देकुली धाम, जहां बाबा भुवनेश्वर नाथ का प्राचीन मंदिर हर वर्ष लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। बागमती नदी के किनारे स्थित यह मंदिर महाशिवरात्रि पर सबसे ज्यादा भीड़ देखता है। स्थानीय मान्यता है कि यहां जलाभिषेक करने का फल नेपाल के प्रसिद्ध पशुपतिनाथ मंदिर जैसा मिलता है, जिसे लेकर भक्तों में गहरी आस्था देखी जाती है।

कृषि प्रधान जिला, लेकिन प्राकृतिक चुनौतियों से जूझता क्षेत्र

उपजाऊ मिट्टी की वजह से शिवहर में धान, गेहूं और गन्ने की खेती व्यापक पैमाने पर होती है। हालांकि, बागमती नदी के निकट होने के कारण यह जिला अक्सर बाढ़ की मार झेलता है, जिससे खेती और विकास कार्य प्रभावित होते रहे हैं। इसके बावजूद, कृषि यहां की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बनी हुई है।

राजनीतिक रूप से हमेशा सक्रिय, 2025 में जेडीयू ने मारी बाजी

राजनीतिक लिहाज से शिवहर हमेशा असरदार रहा है। जिले की एकमात्र विधानसभा सीट राज्य के दलों के लिए अहम मानी जाती है। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में शिवहर सीट से जेडीयू की श्वेता गुप्ता ने बड़ी जीत हासिल की। उन्होंने आरजेडी उम्मीदवार नवनीत कुमार को 31,398 मतों के अंतर से हराकर विधानसभा में प्रवेश किया। इस परिणाम ने एक बार फिर साबित किया कि शिवहर का राजनीतिक प्रभाव उसके छोटे आकार से कहीं आगे है।

रेलगाड़ी का इंतजार—नई लाइन से बदलेगा जिले का भविष्य

वर्तमान में शिवहर रेलवे कनेक्टिविटी को लेकर बड़ी उम्मीदों से भरा हुआ है। मोतिहारी से सीतामढ़ी तक बनाई जा रही नई रेल लाइन शिवहर होकर गुजरेगी। इसके शुरू होते ही जिले में व्यापार, शिक्षा, पर्यटन और रोजगार के अवसरों में बड़ी बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है।

छोटा जिला, बड़ी पहचान

धार्मिक आस्था, राजनीतिक सक्रियता, उपजाऊ भूमि और विकास की नई योजनाओं ने शिवहर को बिहार के महत्वपूर्ण जिलों में शामिल कर दिया है। आकार में भले छोटा, लेकिन अपनी पहचान, इतिहास और संभावनाओं से यह जिला राज्य के मानचित्र पर बड़ी भूमिका निभा रहा है।

DEKULI
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