जयराम ठाकुर का सरकार पर बड़ा हमला — बोले, बिजली मित्रों को पक्की नौकरी का वादा कहां गया
हिमाचल की राजनीति में एक बार फिर रोजगार मुद्दा गर्मा गया है। नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रदेश सरकार पर तीखे आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस ने चुनाव से पहले युवाओं को 58 वर्ष तक पेंशन सहित पक्की नौकरी देने का वादा किया था, लेकिन सत्ता में आने के बाद सरकार उसी वादे से पीछे हटती दिख रही है।
जयराम का कहना है कि सरकार अब बिजली मित्रों की भर्ती आउटसोर्स आधार पर करने की तैयारी कर रही है, जो युवाओं के हितों के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि मित्र योजना के तहत युवाओं को जो रोजगार दिया जा रहा है, वह नाममात्र के मानदेय वाला है और इसे पक्की नौकरी का विकल्प बताना युवाओं के साथ सीधा अन्याय है।
नेता प्रतिपक्ष ने दावा किया कि सरकार की नीतियों ने बेरोजगार युवाओं को भ्रमित और हताश कर दिया है। उनका आरोप है कि सत्ता के नजदीकी कुछ प्रभावशाली लोगों ने अपनी-अपनी आउटसोर्स एजेंसियां खोलकर युवाओं की भर्ती को कारोबार बना दिया है। “नौकरी देने के नाम पर वसूली तक की जा रही है, और यह पूरा खेल सरकार की शह पर चल रहा है,” जयराम ने कहा।
उन्होंने यह भी याद दिलाया कि हाईकोर्ट पहले ही आउटसोर्स कंपनियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा चुका है, इसके बावजूद सरकार सुधार करने के बजाय इन्हीं एजेंसियों पर निर्भर होती जा रही है।
अंत में जयराम ठाकुर ने सरकार से तीखे शब्दों में पूछा—
“जब चुनाव से पहले पक्की नौकरियों का वादा किया था, तो अब आउटसोर्सिंग क्यों बढ़ाई जा रही है? युवाओं को धोखे में कब तक रखा जाएगा