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हिमाचल में नवंबर सूखा बीतने की कगार पर: पूरे माह बारिश शून्य, दिसंबर 5 के बाद ही मिलने की उम्मीद

हिमाचल डेस्क/19/11/2025

himachal

हिमाचल प्रदेश में इस वर्ष नवंबर का महीना असामान्य रूप से सूखा गुजर रहा है। मॉनसून की विदाई के बाद से प्रदेश में बारिश पूरी तरह थमी हुई है और मौसम विभाग ने साफ कर दिया है कि नवंबर महीने में अब बारिश की कोई संभावना नहीं है। ताज़ा पूर्वानुमान के अनुसार राज्य में दिसंबर 5 के बाद मामूली परिवर्तन संभव है, लेकिन फिलहाल पूरा प्रदेश सूखे हालात से जूझ रहा है।

नवंबर में 90% तक कम हुई वर्षा

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक इस बार नवंबर में वर्षा सामान्य से लगभग 90% तक कम दर्ज की गई है। यह कमी अब कृषि और बागबानी पर स्पष्ट प्रभाव डाल रही है। सेब बागबानी में नमी की कमी से पौधों की सेहत पर असर पड़ रहा है। गेहूं की बिजाई पर भी संकट गहरा गया है क्योंकि मिट्टी में पर्याप्त नमी नहीं है, जिससे किसानों को बुवाई टालनी पड़ रही है। कृषि विभाग ने मौजूदा हालात को देखते हुए मौसम विभाग से विस्तृत आकलन रिपोर्ट मांगी है।

दिन में धूप, रात में सर्दी का प्रकोप


पिछले 24 घंटों में पूरे राज्य में मौसम पूरी तरह शुष्क रहा। ऊना सबसे गर्म रहा जहां अधिकतम तापमान सबसे ऊपर दर्ज किया गया। लाहौल-स्पीति के कुकुमसेरी में -5.1°C तक न्यूनतम तापमान लुढ़कने से रातें बेहद ठंडी हो गई हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में धूप खिली रहेगी, लेकिन रात का पारा नीचे जाता रहेगा। उच्च हिमालयी क्षेत्रों में भी फिलहाल बर्फबारी की कोई संभावना नहीं है।

यात्रियों के लिए राहत, किसानों के लिए संकट

मौसम विभाग ने राज्य के किसी भी जिले के लिए कोई चेतावनी जारी नहीं की है। इससे यात्रा, पर्यटन और दैनिक गतिविधियाँ सामान्य रूप से जारी रहेंगी। हालांकि, बार-बार शुष्क मौसम ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। उनका कहना है कि यदि यह स्थिति और लंबी चली तो रबी फसलों और फल उत्पादन पर बड़ा असर पड़ेगा, जिससे राज्य की कृषि अर्थव्यवस्था प्रभावित हो सकती है।

हिमाचल में नवंबर का महीना इस बार सूखे की मार लेकर आया है। बारिश की संभावना समाप्त हो चुकी है और अब दिसंबर के पहले सप्ताह के बाद ही स्थिति बदलने की उम्मीद है। मौसम फिलहाल साफ रहेगा, लेकिन कृषि और बागबानी पर इसका असर गहराता जा रहा है।

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