NEWS CHOICE

निष्पक्ष खबर, बेबाक अंदाज

9 साल बाद बीड़ी पीने वाले को कोर्ट से मिली राहत

nasha

शिमला। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश यजुेंद्र सिंह की अदालत ने मंगलवार को एक अहम फैसले में एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज मामले में आरोपी शिवालिक सुरेश कुमार को सभी आरोपों से बरी कर दिया। इससे पहले, ट्रायल कोर्ट (अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट) ने उसे दोषी करार देते हुए एक महीने की कैद और 15 दिन का अतिरिक्त कारावास तथा जुर्माने की सजा सुनाई थी।

यह मामला 30 सितंबर 2016 का है, जब पुलिस थाना मॉल शिमला के तहत मुगलाक में बंगला चौकी के पास पुलिस टीम ने गश्त के दौरान सुरेश कुमार को बीड़ी पीते पकड़ा था। पुलिस का दावा था कि बीड़ी में चरस की गंध आ रही थी और आरोपी के पास से 2.98 ग्राम बरामद हुआ। इस आधार पर आरोपी पर एनडीपीएस एक्ट की धारा 20 और 27 के तहत मामला दर्ज किया गया।

ट्रायल कोर्ट ने वर्ष 2021 में मामले की सुनवाई के बाद आरोपी को दोषी करार दिया था। इसके खिलाफ आरोपी ने सत्र न्यायालय में अपील दायर की। बचाव पक्ष ने दलील दी कि बरामदगी की प्रक्रिया संदिग्ध थी और बीड़ी में चरस होने की पुख्ता जांच नहीं हुई थी। वहीं, पुलिस पक्ष ने ट्रायल कोर्ट के फैसले का समर्थन किया।

सत्र न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और रिकॉर्ड का अध्ययन करने के बाद पाया कि केवल गंध के आधार पर बीड़ी में चरस होने का प्रमाण नहीं माना जा सकता। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि आरोपी बीड़ी पी रहा था, तो इसे केवल तंबाकू सेवन माना जा सकता है और कोपटा अधिनियम के प्रावधान लागू होंगे, एनडीपीएस एक्ट नहीं।

अदालत ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को रद्द करते हुए सुरेश कुमार को 9 साल बाद इस मामले से बरी कर दिया। इस निर्णय के बाद आरोपी और उसके परिजनों ने राहत की सांस ली।

Scroll to Top