विमल नेगी का पेन ड्राइव गायब करने वाले ASI पंकज को राहत
शिमला।21।08।2025
शिमला। हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने निलंबित एएसआई पंकज शर्मा को पुलिस गेस्ट हाउस में 24 घंटे निगरानी में रखने के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को राहत दी है। अदालत ने कहा कि सुरक्षा के नाम पर पुलिस कर्मी की स्वतंत्रता पर लगाए गए प्रतिबंध को उचित ठहराना जरूरी है, लेकिन व्यक्तिगत अधिकारों का हनन किए बिना सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उचित व्यवस्था की जानी चाहिए।
गौरतलब है कि निलंबित एएसआई पंकज शर्मा पर हिमाचल पावर कॉरपोरेशन के चीफ इंजीनियर विमल नेगी के शव से बरामद पेन ड्राइव को गायब करने का आरोप है। इस मामले में उन्हें निलंबित किया गया था।
न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की अदालत ने सरकार को निर्देश दिए कि जल्द से जल्द आवश्यक कार्रवाई करते हुए याचिकाकर्ता को राहत दी जाए। सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता अनुराग रतन ने अदालत को बताया कि मामले में खतरे की आशंका को देखते हुए यह सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई थी। उन्होंने कहा कि पंकज शर्मा को किसी तरह की हिरासत में नहीं लिया गया है, बल्कि केवल निलंबित किया गया है और सुरक्षा कारणों के चलते उन्हें पुलिस गेस्ट हाउस में ठहराया गया था।
अदालत में यह भी स्पष्ट किया गया कि इस मामले में सीबीआई और सीआईडी की ओर से किसी तरह की कार्रवाई नहीं हुई है। सुरक्षा कारणों के चलते केवल निगरानी रखी गई थी। महाधिवक्ता ने यह भी बताया कि पंकज शर्मा को केवल 24 घंटे पुलिस गार्ड तैनात कर निगरानी में रखा गया था और अदालत की अनुमति के बिना उन्हें बाहर जाने की इजाजत नहीं थी।
अदालत ने इस पर कहा कि यदि किसी व्यक्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करनी है तो उचित सुरक्षा उपाय किए जा सकते हैं, लेकिन उनके मौलिक अधिकारों का हनन नहीं होना चाहिए। अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाए और अनावश्यक पाबंदियां हटाई जाएं।