शिमला में कुत्तों के गले में QR कोड, निगम की नई पहल
शिमला नगर निगम ने आवारा व पालतू कुत्तों की पहचान और निगरानी को आसान बनाने के लिए कुत्तों के गले में QR कोड लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। निगम का कहना है कि इस नई तकनीक से न सिर्फ कुत्तों की पहचान हो सकेगी, बल्कि उनके स्वास्थ्य संबंधी जानकारी भी आसानी से ट्रैक की जा सकेगी।
निगम अधिकारियों के अनुसार, QR कोड स्कैन करने पर यह पता चल जाएगा कि संबंधित कुत्ते को रेबीज का टीका लगाया गया है या नहीं। इसके अलावा, आगे चलकर GPS कॉलर की सुविधा भी जोड़ी जाएगी, जिससे कुत्तों की लोकेशन का पता लगाया जा सकेगा।
यह पहल खासतौर पर आवारा कुत्तों पर नियंत्रण और रेबीज जैसी बीमारियों की रोकथाम के लिए की जा रही है। निगम का मानना है कि इससे भविष्य में कुत्तों की गिनती, उनकी नस्ल और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी का डिजिटल रिकॉर्ड भी तैयार होगा।
स्थानीय लोगों ने इस कदम का स्वागत किया है। उनका कहना है कि इससे कुत्तों से जुड़ी कई समस्याओं का समाधान होगा और किसी भी घटना की स्थिति में कुत्ते की पहचान करना आसान होगा।