शिमला में राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़ा पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन
शिमला | राजीव गांधी राजकीय महाविद्यालय (कोटशेरा) में राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़ा 25 अगस्त से 8 सितंबर के अवसर पर एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय की फर्स्ट ऐड समिति और रसायन विभाग ने दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल (रिपन), शिमला के सहयोग से किया।
कार्यक्रम का स्वागत डॉ. नितिका गुप्ता, संयोजक, फर्स्ट ऐड समिति ने किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन छात्रों में सेवा भावना और सामाजिक जिम्मेदारी को बढ़ावा देते हैं।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉ. मंज़िल शर्मा (दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल, शिमला) ने डिजिटल युग में आंखों की देखभाल पर जोर देते हुए 20-20-20 नियम, पर्याप्त नींद, संतुलित आहार और सुरक्षित लेंस उपयोग जैसे उपायों को अपनाने की सलाह दी। उन्होंने नेत्रदान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मृत्यु के छह से आठ घंटे के भीतर किसी भी आयु वर्ग का व्यक्ति नेत्रदान कर सकता है, बशर्ते व्यक्तिगत और पारिवारिक सहमति हो। डॉ. शर्मा ने छात्रों और उपस्थित लोगों को नेत्र बैंक में पंजीकरण करने और नेत्रदान को मानवता का सबसे सुंदर उपहार मानने के लिए प्रेरित किया।
विशिष्ट अतिथि एवं महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. गोपाल चौहान ने अपने संबोधन में कहा कि भारत में लगभग दस लाख लोग कॉर्नियल अंधता से पीड़ित हैं और हर साल लगभग बीस हजार नए मामले सामने आते हैं। देश में हर साल एक लाख कॉर्नियल प्रत्यारोपणों की आवश्यकता होती है, जबकि केवल पच्चीस हजार प्रत्यारोपण ही संभव हो पाते हैं। उन्होंने नेत्रदान को सामाजिक आवश्यकता बताते हुए छात्रों से समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का आग्रह किया।
कार्यक्रम में स्लोगन लेखन और रील निर्माण प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया। स्लोगन लेखन प्रतियोगिता में प्रथम स्थान तनुज ठाकुर, द्वितीय तनिष राज और तृतीय स्थान उदय राठौर ने प्राप्त किया। रील निर्माण प्रतियोगिता में प्रथम अक्षत, द्वितीय देवेंद्र और तृतीय तनिषराज रहे। प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में कृष्णा वर्मा, डॉ. विभा सरस्वती (भूगोल) और प्रो. राजलक्ष्मी नेगी (इतिहास) शामिल थीं।
इस कार्यक्रम में लगभग 150 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया और इसे अत्यंत सफल बताया गया।