भरमौर से एयरफोर्स का हेलिकॉप्टर मणिमहेश यात्रा के फंसे श्रद्धालुओं का करेगा रेस्क्यू
चंबा: हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में मणिमहेश यात्रा पर गए श्रद्धालु चार दिन से भरमौर और चंबा के बीच फंसे हुए हैं। भारी बारिश और भूस्खलन के कारण चारों तरफ मार्ग क्षतिग्रस्त हो गए हैं। प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर तेज कर दिए हैं और अब भरमौर से भारतीय एयरफोर्स का हेलिकॉप्टर फंसे श्रद्धालुओं को निकालने के लिए तैनात किया गया है। हेलिकॉप्टर विशेष रूप से बुजुर्गों, बीमार और जोखिम में फंसे लोगों को रेस्क्यू करेगा, हालांकि खराब मौसम के कारण उड़ान अभी नहीं हो पाई है।
कुल्लू और मनाली में भी भारी बारिश के कारण कई क्षेत्र देश-दुनिया से कट गए हैं। आनी उपमंडल में लैंडस्लाइड से घर दबने और दो महिलाओं के लापता होने की घटना सामने आई, जबकि नेशनल हाइवे-305 और चंडीगढ़-मनाली हाईवे कई हिस्सों में बंद हैं। प्रशासन ने फंसे लोगों के लिए राहत केंद्र खोले और भोजन, पानी और सुरक्षित आवास की व्यवस्था की है।
किन्नौर जिले के लिप्पा गांव में बादल फटने से स्थानीय सेब के बागों को नुकसान हुआ और दो जम्मू-कश्मीर के मजदूर बाढ़ की चपेट में आए, जिन्हें स्थानीय लोगों ने रेस्क्यू कर प्राथमिक उपचार के बाद रिकांग पियो के अस्पताल में भेजा। मंडी और कांगड़ा जिलों में भी भारी बारिश से कई इलाके प्रभावित हैं। पौंग डैम से पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे ब्यास नदी के आसपास के लोग सतर्क हैं।
चंबा जिले में मणिमहेश यात्रा के श्रद्धालु चार दिन से फंसे हुए हैं। प्रशासन ने अब तक 11 श्रद्धालुओं की मौत की पुष्टि की है, 8 घायल और 9 लापता बताए जा रहे हैं। सुंदरासी में फंसे लगभग 1,500 श्रद्धालुओं को राहत दलों ने सुरक्षित स्थान पर पहुँचाया है, वहीं डल झील, गौरीकुंड, धनछो और हरसर में कुल 188 लोग फंसे हुए हैं। प्रशासन और लंगर कमेटियों की मदद से सभी को सुरक्षित निकाला जा रहा है और जल्द ही भरमौर तक पहुँचाया जाएगा।