हिमाचल में पंचायत सचिवों को नहीं मिलेगा प्रमोशन और OPS का लाभ
शिमला/29/08/2025
शिमला : हिमाचल प्रदेश में जिला परिषद कैडर के तहत सेवाएं दे रहे हजारों पंचायत सचिवों के लिए बुरी खबर है। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने विधानसभा में बताया कि इन पंचायत सचिवों का प्रमोशन नहीं होगा और न ही इन्हें पुरानी पेंशन स्कीम (OPS) का लाभ मिलेगा। मंत्री ने भाजपा विधायक सुधीर शर्मा के लिखित प्रश्न के उत्तर में स्पष्ट किया कि वर्तमान में पंचायत सचिव कैडर से उच्च श्रेणी के गैर-तकनीकी पद सृजित नहीं हैं, इसलिए पदोन्नति का कोई प्रावधान नहीं किया गया है।
मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने आगे बताया कि जिला परिषद कैडर में कार्यरत पंचायत सचिवों की मृत्यु के बाद उनके आश्रितों को करुणामूलक आधार पर रोजगार देने का प्रावधान वर्ष 2015 से लागू है। लेकिन OPS के संदर्भ में सरकार का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। उन्होंने कहा कि ये कर्मचारी जिला परिषद के अधीन आते हैं, जो स्थानीय स्वायत्त निकाय हैं। इस कारण ये कर्मचारी केंद्रीय सिविल सेवा नियमावली (पेंशन) 1972 के दायरे में नहीं आते और इन्हें एनपीएस योजना के तहत रखा गया है।
वर्तमान में पंचायती राज विभाग के जिला परिषद कैडर में कुल 3746 कर्मचारी कार्यरत हैं। इनमें से सबसे अधिक 2581 पंचायत सचिव हैं। इनके अलावा 1 एक्जीक्यूटिव इंजीनियर, 26 असिस्टेंट इंजीनियर, 12 ब्लॉक इंजीनियर, 5 डिजाइन इंजीनियर, 168 जूनियर इंजीनियर, 906 टेक्निकल असिस्टेंट, 11 जूनियर स्टेनोग्राफर, 12 जूनियर अकाउंटेंट, 12 डाटा एंट्री ऑपरेटर और 12 सेवादार कम चौकीदार शामिल हैं। हालांकि, इनमें से पंचायत सचिवों के लिए न तो पदोन्नति का प्रावधान है और न ही OPS का लाभ।