मणिमहेश यात्रा: जयराम ठाकुर ने सरकार पर आंकड़ों में हेरफेर और राहत कार्य में लापरवाही का आरोप लगाया
शिमला /01/09/2025
शिमला: नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने विधानसभा में सुक्खू सरकार पर मणिमहेश यात्रा के दौरान आंकड़ों में हेरफेर और श्रद्धालुओं के लिए राहत कार्य में लापरवाही करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि 28 अगस्त को मणिमहेश यात्रा में लगभग 15 हजार श्रद्धालु फंसे हुए थे। इसके बावजूद मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री अलग-अलग आंकड़े पेश कर रहे थे। उपमुख्यमंत्री ने पहले विरोधियों पर झूठ बोलने का आरोप लगाया, जबकि वास्तविकता यह है कि श्रद्धालु कई किलोमीटर पैदल चलकर आपदा प्रभावित क्षेत्रों से बाहर निकल रहे थे और उन्हें कोई सरकारी सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई।
जयराम ने बताया कि सरकार का दावा है कि फ्री बसें चल रही थीं, लेकिन यात्रियों ने बताया कि उन्हें सामान्य किराए से कई गुना अधिक भुगतान करना पड़ा। इसके अलावा, श्रद्धालुओं को हेलीकॉप्टर से निकालने के लिए वायु सेना की मदद नहीं ली गई और निजी हेलीकॉप्टर के माध्यम से भारी किराए पर ही लोग बाहर निकाले गए। उन्होंने कहा कि आम लोगों द्वारा लगाए गए लंगर ही आपदा के समय राहत का सहारा बने, जबकि सरकार ने ग्रीन सैस के नाम पर हजारों रुपए वसूले।
जयराम ठाकुर ने यह भी बताया कि प्रदेश के कई क्षेत्र आपदा से कटे हुए हैं, यातायात और संचार बाधित हैं। इससे लोक सेवा आयोग की काउंसलिंग, कर्मचारियों के प्रमोशन और अन्य महत्वपूर्ण तिथियों पर असर पड़ा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री इन समस्याओं को देखते हुए इन तिथियों को आगे बढ़ाएं। भरमौर में 500 से अधिक लोग पैदल चलकर आपदा प्रभावित क्षेत्रों से बाहर निकलने से इनकार कर चुके हैं। उनके विधायक मौके पर मौजूद हैं और राहत कार्य में जुटे हुए हैं।
नेता प्रतिपक्ष ने चेतावनी दी कि सरकार द्वारा सदन में झूठ बोलने और राहत कार्य में लापरवाही करने से जनता का विश्वास खत्म हो रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि अब राहत और बचाव कार्य को प्राथमिकता दी जाए और किसी भी प्रकार की गलत जानकारी देने से बचा जाए।