दिल्लीवासियों को राहत: पांच दिन बाद यमुना का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे
नई दिल्ली/08/09/2025
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के बाढ़ पीड़ितों के लिए रविवार को राहत की खबर सामने आई। यमुना नदी का जलस्तर पांच दिनों बाद घटकर खतरे के निशान 205.33 मीटर पर आ गया है। अधिकारियों के अनुसार, रविवार रात 9 बजे पुराने रेलवे पुल पर जलस्तर खतरे के निशान के बराबर दर्ज किया गया। इससे पहले गुरुवार को यमुना का पानी 207.48 मीटर तक पहुंच गया था, जिसके चलते शहर के कई निचले इलाके जलमग्न हो गए थे।
यमुना नदी का जलस्तर जैसे ही 206 मीटर से ऊपर जाता है, प्रशासन तुरंत बाढ़ग्रस्त इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की प्रक्रिया शुरू कर देता है। इस बार की बाढ़ के कारण दिल्ली में लगभग 10,000 लोग विस्थापित हुए, जिन्हें अस्थायी शिविरों में रखा गया। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, मोरी गेट और मयूर विहार जैसे इलाकों में विस्थापित परिवारों के लिए टेंट लगाए गए हैं।
पुराना रेलवे पुल यमुना की निगरानी के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र है, जहां नदी के बहाव और संभावित बाढ़ की स्थिति पर नजर रखी जाती है। जलस्तर बढ़ने के कारण कुछ दिनों पहले इस पुल पर आवाजाही को भी रोक दिया गया था।
गौरतलब है कि दिल्ली को 2023 में बाढ़ की सबसे भयावह स्थिति का सामना करना पड़ा था। उस समय 13 जुलाई को यमुना का जलस्तर 208.66 मीटर के सर्वकालिक उच्च स्तर तक पहुंच गया था। इसके चलते उत्तर-पूर्वी, पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के बड़े हिस्सों के साथ ही तिब्बती मार्केट और राजघाट जैसे इलाकों में पानी भर गया था। उस दौरान 25,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करना पड़ा था।
फिलहाल जलस्तर में कमी आने से प्रशासन और बाढ़ प्रभावित परिवारों ने राहत की सांस ली है, लेकिन निचले इलाकों में सामान्य स्थिति बहाल होने में अभी कुछ समय लगेगा।