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मुख्यमंत्री सुक्खू ने हिमाचल के लिए केंद्र से विशेष राहत पैकेज की मांग की

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश और बाढ़ से उत्पन्न आपदा की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने आपदा प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण करने के बाद कांगड़ा हवाई अड्डे पर समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने प्रधानमंत्री का स्वागत करते हुए उन्हें इस मानसून सीजन में हुई तबाही की विस्तृत जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार सीमित संसाधनों से प्रभावित परिवारों की हरसंभव मदद कर रही है, लेकिन प्रभावी राहत के लिए केंद्र सरकार से तत्काल अतिरिक्त सहायता आवश्यक है।

उन्होंने केंद्र से विशेष राहत पैकेज की मांग करते हुए कहा कि प्रदेश के संसाधन भारी बारिश से हुए नुकसान की भरपाई के लिए अपर्याप्त हैं। मुख्यमंत्री ने वन संरक्षण अधिनियम के तहत छूट देने का भी आग्रह किया, ताकि विस्थापित परिवारों को वन भूमि पर पुनर्वासित किया जा सके।

सुक्खू ने बैठक में यह भी कहा कि क्षतिग्रस्त सरकारी परियोजनाओं के लिए वर्तमान मापदंड अपर्याप्त हैं। बाढ़ की वजह से महीनों तक ठप रहने वाली जल विद्युत परियोजनाओं के नुकसान का आकलन वर्तमान व्यवस्था में नहीं किया जाता। उन्होंने केंद्र सरकार से हिमाचल की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए इस दृष्टिकोण पर पुनर्विचार करने की अपील की।

मुख्यमंत्री ने राज्य की विकास परियोजनाओं के लिए भी केंद्र से सहयोग की मांग की। इसमें जलविद्युत उत्पादन से मुफ्त रॉयल्टी, 40 साल पूरे कर चुकी केंद्रीय बिजली परियोजनाओं को राज्य को हस्तांतरित करना, कांगड़ा हवाई अड्डे का विस्तार, ऑल वेदर सुरंगों का निर्माण, वैकल्पिक पर्वतीय मार्गों का विकास और भूभूजोत सुरंग परियोजना को प्राथमिकता देने जैसे मुद्दे शामिल रहे।

मुख्यमंत्री सुक्खू ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का व्यक्तिगत रूप से आपदा प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण करने और प्रदेश के लिए समय निकालने पर आभार व्यक्त किया।

बैठक में राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल, उप-मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया, कृषि मंत्री चंद्र कुमार, आयुष मंत्री यादविन्द्र गोमा, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर, सांसद डॉ. राजीव भारद्वाज, कंगना रणौत, उप-मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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