संजौली मस्जिद विवाद: अर्ध पिंडदान के साथ हिंदू संगठनों की सुक्खू सरकार को चेतावनी
शिमला/11/09/2025
शिमला। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के संजौली मस्जिद विवाद को एक साल पूरा हो गया है। गुरुवार को इस विवाद की वर्षगांठ पर हिंदू संगठनों ने मस्जिद के पास प्रदर्शन किया और सुक्खू सरकार का अर्ध पिंडदान किया। इस दौरान संगठनों ने सरकार और प्रशासन पर आरोप लगाया कि वे कोर्ट के आदेशों का पालन नहीं कर रहे और मस्जिद का अवैध निर्माण अब तक पूरी तरह नहीं गिराया गया।
दरअसल, यह विवाद साल 2010 से चल रहा है। संजौली मस्जिद में हुए अवैध निर्माण को लेकर नगर निगम कोर्ट ने मस्जिद की ऊपरी मंजिलों को तोड़ने के आदेश दिए थे। बाद में पूरी मस्जिद को ही अवैध करार देते हुए उसे ढहाने का आदेश हुआ। मस्जिद कमेटी ने आंशिक रूप से ऊपरी मंजिल तोड़ने का काम शुरू किया था, लेकिन पैसों की कमी के चलते काम अधूरा रह गया। इसके बाद मामला अदालत में विचाराधीन है।
पिछले साल मस्जिद से जुड़े एक मारपीट प्रकरण के बाद यह विवाद अचानक भड़क गया था और प्रदेशभर में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए थे। इसके बाद नगर निगम ने कार्रवाई करते हुए मस्जिद की एक मंजिल को तोड़ा, लेकिन पूरी इमारत अब तक जस की तस खड़ी है। हिंदू संगठनों का आरोप है कि सरकार और प्रशासन ने मामले में जानबूझकर ढिलाई बरती है।
गुरुवार को संजौली में हिंदू संगठन के कार्यकर्ता मस्जिद के पास एकत्र हुए। यहां उन्होंने नारेबाजी की और “अर्ध पिंडदान” कर सरकार के खिलाफ विरोध जताया। देव भूमि संघर्ष समिति के सह संयोजक विजय शर्मा और मदन ठाकुर ने कहा कि जिला प्रशासन पिछले आंदोलन से घबराया हुआ है, इसलिए इस बार डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट का हवाला देकर सिर्फ 11 लोगों को ही धरना देने की अनुमति दी गई।
मदन ठाकुर ने कहा कि नगर निगम कोर्ट के आदेश के बावजूद बक्फ बोर्ड ने अदालत का दरवाजा खटखटाया, जो गलत है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने समय रहते मस्जिद को पूरी तरह नहीं गिराया तो “परिणाम नेपाल से भी भयानक होंगे।”
फिलहाल, मस्जिद के आसपास शांति बनी हुई है, लेकिन प्रशासन ने संजौली थाने में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की है।