पंजाब दौरे पर राहुल गांधी, बाढ़ पीड़ितों से मिले – डूबे खेत, टूटे घर और लोगों का दर्द सुना
अमृतसर/15/09/2025
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रविवार (15 सितंबर) को पंजाब का दौरा किया। वे सुबह करीब 9:30 बजे अमृतसर एयरपोर्ट पहुंचे और सबसे पहले अमृतसर जिले के घोनेवाल गांव पहुंचे। यहां उन्होंने बाढ़ से प्रभावित ग्रामीणों से मुलाकात की और डूबे हुए खेतों व टूटे हुए घरों का जायजा लिया। इस दौरान जब एक बच्चा नुकसान की बात सुनते हुए रोने लगा, तो राहुल गांधी ने उसे गोद में उठाकर चुप कराया। इसके बाद उन्होंने गुरुद्वारा बीड़ बाबा बुड्ढा साहिब में माथा भी टेका।
राहुल गांधी ने इसके बाद गुरदासपुर जिले का रुख किया। वे गुरचक्क गांव पहुंचे, जहां हाल ही में बांध टूटने से खेत और घर जलमग्न हो गए थे। उन्होंने किसानों से बात की और उनकी परेशानियां सुनीं। यहां राहुल गांधी ने ट्रैक्टर पर सवार होकर बाढ़ प्रभावित खेतों का निरीक्षण किया और आधा किलोमीटर का रास्ता तय कर गाड़ी तक पहुंचे। गुरदासपुर के बाद राहुल गांधी ने दीनानगर और मकोड़ा पतन गांव में भी बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात की। हालांकि सुरक्षा कारणों से वह पाकिस्तान बॉर्डर से सटे सात गांवों में नहीं जा सके।
अपने दौरे के दौरान राहुल गांधी ने मीडिया से बातचीत नहीं की लेकिन बाद में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा – “बाढ़ ने पंजाब में भारी तबाही मचाई है। उजड़े आशियाने, बर्बाद खेत और बिखरी जिंदगियों में दर्द साफ दिखता है, लेकिन हौसला अटूट है। राज्य और केंद्र सरकार को बिना देरी राहत पैकेज और मुआवजा पीड़ितों तक पहुंचाना चाहिए।” उन्होंने यह भी कहा कि वे हर पीड़ित परिवार के साथ खड़े हैं और उनकी आवाज को बुलंद करेंगे।
आंकड़ों के मुताबिक, पंजाब के 23 जिलों के 2,097 गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। करीब 1,91,926 हेक्टेयर फसलें डूब चुकी हैं और 15 जिलों में 52 लोगों की मौत हो चुकी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छह दिन पहले पंजाब का दौरा किया था और 1,600 करोड़ रुपये की सहायता का ऐलान किया था, लेकिन राज्य की भगवंत मान सरकार ने इस पैकेज को नाकाफी बताया है।
राहुल गांधी से मुलाकात के बाद गुरचक्क गांव के किसान हरजिंदर सिंह ने कहा कि राहुल गांधी ने रावी नदी पर बने बांध को मजबूत करने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि हर साल बांध कमजोर होने के कारण गांव जलमग्न हो जाता है और इस बार 700 एकड़ जमीन डूब गई। गांव के ही गुरमुख सिंह ने कहा कि राहुल गांधी ने हमारी बातें बड़े ध्यान से सुनीं और कहा कि वे दिल्ली जाकर इस मुद्दे को उठाएंगे। ग्रामीणों ने कहा कि अब तक कोई विधायक या मंत्री उनके गांव नहीं आया, राहुल गांधी पहले बड़े नेता हैं जो सीधे उनसे मिलने पहुंचे।
इस दौरे में राहुल गांधी के साथ पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, कांग्रेस इंचार्ज भूपेश बघेल और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा भी मौजूद रहे। शाम 4 बजे वे पठानकोट से दिल्ली रवाना हो गए।
यह दौरा राहुल गांधी के मानवीय पहलू को दिखाता है, जहां उन्होंने न सिर्फ बाढ़ पीड़ितों की समस्याएं सुनीं बल्कि उनके दर्द को साझा भी किया।