हिमाचल में थम नहीं रहा मानसून का कहर: 409 की मौत, 4500 करोड़ से अधिक का नुकसान, मंत्री ने दी राहत की जानकारी
शिमला/16/09/2025
हिमाचल प्रदेश इस वर्ष अभूतपूर्व मानसूनी आपदा का सामना कर रहा है। प्रदेश में लगातार चौथे महीने भी भारी बारिश जारी है, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक कुल 409 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 4,500 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति को नुकसान पहुंचा है। इस भीषण आपदा ने न केवल लोगों की ज़िंदगी को प्रभावित किया है, बल्कि प्रदेश की आर्थिक और भौगोलिक संरचना को भी झकझोर कर रख दिया है।
प्रदेश के कैबिनेट मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने जानकारी दी कि भारी बारिश के चलते नाले-खालों और नदी किनारे बनी सरकारी संपत्तियां बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हैं। मंडी जिले के धर्मपुर बस अड्डे को भी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने बताया कि डीसी स्तर पर नुकसान का आंकलन किया जा रहा है और जिन लोगों को निजी अथवा व्यावसायिक हानि हुई है, उन्हें रिलीफ मैनुअल के अंतर्गत उचित मुआवजा प्रदान किया जाएगा।
बारिश का असर प्रदेश की आर्थिक रीढ़ सेब उद्योग पर भी पड़ा है। कई इलाकों में सेब की तुड़ाई और परिवहन में बाधा आ रही है। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि एचपीएमसी के माध्यम से खराब हो रहे सेब की खरीद सुनिश्चित की जाए, ताकि किसानों को नुकसान से बचाया जा सके।
इस मानसून में करीब 60 बादल फटने की घटनाएं भी दर्ज की गई हैं, जिनमें सबसे ज्यादा असर कुल्लू और मनाली क्षेत्रों में देखने को मिला है। मंत्री चौहान ने कहा कि ये सड़कें बार-बार खतरे में पड़ती हैं क्योंकि वे नदियों के किनारे बसी हैं और पहले भी कई बार बाढ़ की चपेट में आ चुकी हैं।
सरकार ने आपदा प्रबंधन को प्राथमिकता पर रखते हुए रेस्क्यू और राहत कार्यों को तेज कर दिया है, लेकिन लगातार हो रही बारिश से स्थितियां अभी भी चुनौतीपूर्ण बनी हुई हैं।
यह मानसून हिमाचल प्रदेश के लिए एक गहरी चेतावनी लेकर आया है, जो जलवायु परिवर्तन और बुनियादी ढांचे की मजबूती पर नए सिरे से विचार करने की ज़रूरत को उजागर करता है।