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आउटसोर्स कंप्यूटर टीचर्स को हाईकोर्ट का तोहफा, नियमित करने के दिए आदेश

शिमला/17/09/2025

high cour shimla

हिमाचल प्रदेश में लंबे समय से आउटसोर्स आधार पर सेवाएं दे रहे कंप्यूटर शिक्षकों को आखिरकार हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिल गई है। हाईकोर्ट ने आदेश जारी करते हुए कहा है कि इन शिक्षकों को पीटीए (पेरेंट्स टीचर्स एसोसिएशन), ग्रामीण विद्या उपासक (जीवीयू) और प्राथमिक सहायक अध्यापकों (पीएटी) की तर्ज पर नियमित किया जाए।

यह आदेश न्यायमूर्ति सत्येन वैद्य ने मनोज कुमार शर्मा और अन्य 21 कंप्यूटर शिक्षकों द्वारा वर्ष 2016 में दाखिल की गई याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। अदालत ने स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ता लंबे समय से अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे थे और राज्य सरकार की निष्क्रियता के कारण उन्हें न्याय नहीं मिल पा रहा था।

अदालत ने कहा कि इन शिक्षकों और अन्य श्रेणी के नियमित शिक्षकों के बीच किया जा रहा भेदभाव निराधार है। जीवीयू, पीटीए और पीएटी शिक्षकों की तरह कंप्यूटर शिक्षकों ने भी वर्षों तक स्थायी प्रकृति के पदों पर सेवाएं दी हैं। राज्य सरकार समय-समय पर आउटसोर्स एजेंसियों के माध्यम से उनकी नियुक्ति बदलती रही, लेकिन इससे उनकी सेवाओं की स्थायित्व पर कोई असर नहीं पड़ता।

हाईकोर्ट ने माना कि एक हजार से अधिक पदों का सृजन और लंबे समय से कंप्यूटर शिक्षकों द्वारा दिए गए योगदान से यह सिद्ध होता है कि ये पद स्थायी प्रकृति के हैं। इसलिए, इनके साथ भेदभाव नहीं किया जा सकता।

अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि बारह हफ्तों के भीतर सम्पूर्ण प्रक्रिया पूरी की जाए और याचिकाकर्ताओं सहित अन्य आउटसोर्स कंप्यूटर शिक्षकों को कम से कम याचिका दाखिल करने की तारीख से नियमित कर दिया जाए।

इस फैसले से प्रदेश के उन हजारों कंप्यूटर शिक्षकों को बड़ी राहत मिली है जो पिछले दो दशकों से अस्थायी आधार पर सेवाएं दे रहे थे और अपने भविष्य को लेकर असमंजस की स्थिति में थे। अब नियमितिकरण का रास्ता साफ होने से उनकी वर्षों पुरानी मांग पूरी हो गई है।

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