अमृतसर रेल हादसा: 8 साल बाद भी पीड़ित परिवारों के जख्म ताजा
अमृतसर/03/10/2025
अमृतसर (पंजाब): बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक दशहरा देशभर में धूमधाम से मनाया गया, लेकिन पंजाब के अमृतसर में यह दिन लोगों को आज भी दहला देता है। 19 अक्टूबर 2018 को जोड़ा फाटक के पास हुए रेल हादसे में 60 लोगों की जान चली गई थी और करीब 200 लोग घायल हुए थे। आठ साल बीत जाने के बाद भी पीड़ित परिवार इस दर्दनाक घटना को याद कर भावुक हो जाते हैं।
उस हादसे के बाद से कई परिवारों ने दशहरा उत्सव मनाना ही बंद कर दिया है। पीड़ितों का कहना है कि सरकार ने इस त्रासदी के बाद पर्याप्त मदद नहीं दी। मृतक दलबीर सिंह की मां ने बताया कि सरकारी मदद लेने के बाद उनकी बहू उन्हें छोड़कर चली गई और अब वे अकेले एक बच्चे की परवरिश कर रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इतने सालों बाद भी सरकार ने उनके परिवार को नौकरी तक नहीं दी।
प्रत्यक्षदर्शियों ने याद किया कि हादसे के वक्त सैकड़ों लोग पटरियों पर बैठे दशहरा देख रहे थे। जलते पुतलों से निकलने वाले पटाखों के शोर में किसी को ट्रेन आती सुनाई नहीं दी। अचानक डीएमयू ट्रेन ने भीड़ को रौंद डाला और भयावह दृश्य ने सभी को हिला दिया।
पीड़ित परिवारों ने कहा कि उस दर्दनाक रात की यादें आज भी उनके दिलों को झकझोर देती हैं। कई बुजुर्गों ने कहा कि अपनों को खोने का दर्द आज भी उनके लिए असहनीय है।