भारत दौरे पर आएंगी कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद
नई दिल्ली/08/10/2025
नई दिल्ली: कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद अगले सप्ताह भारत के दौरे पर आएंगी। यह उनकी विदेश मंत्री बनने के बाद पहली आधिकारिक भारत यात्रा होगी। अनीता आनंद का यह दौरा भारत और कनाडा के बीच बिगड़े संबंधों को सुधारने और द्विपक्षीय रिश्तों को नई दिशा देने के प्रयासों के तहत हो रहा है।
इस यात्रा से पहले भारतीय विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और अनीता आनंद की मुलाकात 29 सितंबर को संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) की बैठक के दौरान न्यूयॉर्क में हुई थी। जयशंकर ने इस मुलाकात को बेहद सकारात्मक बताया था और कहा था कि दोनों देशों के उच्चायुक्तों की नियुक्ति से रिश्ते सुधारने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। जयशंकर ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा था, “कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद के साथ आज सुबह सार्थक चर्चा हुई। हमने संबंधों को फिर से पटरी पर लाने के लिए उच्चायुक्तों की नियुक्ति का स्वागत किया और आगे की रणनीति पर बात की। भारत में उनके स्वागत को लेकर उत्सुक हूं।”
यह यात्रा उस समय हो रही है जब जून 2025 में जापान में हुए G-7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडाई प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के बीच मुलाकात ने दोनों देशों के रिश्तों में नरमी के संकेत दिए थे। पिछले दो सालों से चले आ रहे राजनयिक तनाव के बाद यह मुलाकात संवाद के नए दौर की शुरुआत के रूप में देखी जा रही है।
2023 से अब तक तनाव की कहानी
भारत और कनाडा के बीच रिश्ते तब बिगड़े जब कनाडा के पूर्व प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने भारत पर खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में शामिल होने का आरोप लगाया था। भारत ने इसे पूरी तरह राजनीति से प्रेरित बयान बताया और ओटावा पर खालिस्तानी आतंकियों को “सुरक्षित पनाहगाह” देने का आरोप लगाया। इसके बाद दोनों देशों ने एक-दूसरे के राजनयिकों को देश छोड़ने के लिए भी कहा था, जिससे तनाव और बढ़ गया था।
हालांकि, अगस्त 2024 में दोनों देशों ने अपने उच्चायुक्तों की पुनर्नियुक्ति कर रिश्तों में सुधार की दिशा में कदम बढ़ाया। भारत के उच्चायुक्त दिनेश पटनायक ने ओटावा में कार्यभार संभाला, जबकि कनाडा के नए उच्चायुक्त क्रिस्टोफर कूटर ने दिल्ली में पदभार ग्रहण किया।
सितंबर 2025 में कनाडा के उप विदेश मंत्री डेविड मॉरिसन और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार नथाली जी. ड्रूइन ने नई दिल्ली का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने भारतीय अधिकारियों से मुलाकात कर दोनों देशों के बीच अटके संवादों को फिर से शुरू करने पर चर्चा की। दोनों देशों ने राजनयिक कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने और सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने पर सहमति जताई।
भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल ने भी अपने कनाडाई समकक्ष के साथ लंबी बातचीत की थी। चर्चा के केंद्र में पिछले महीनों में बढ़े राजनयिक तनाव के बाद विश्वास बहाली और स्थिरता स्थापित करने के उपाय रहे।
कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद की यह भारत यात्रा दोनों देशों के बीच राजनयिक रिश्तों के पुनर्निर्माण, विश्वास बहाली और आर्थिक एवं सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने की दिशा में एक अहम मोड़ साबित हो सकती है। इस यात्रा से उम्मीद है कि भारत और कनाडा के बीच ठंडे पड़े संबंधों में फिर से गर्माहट लौटेगी।