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अनुराग सिंह ठाकुर बोले – ऊर्जा सुरक्षा राष्ट्रीय नहीं, वैश्विक मुद्दा, भारत 2050 तक कार्बन उत्सर्जन घटाएगा

न्यूयॉर्क/25/09/2025

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पूर्व केंद्रीय मंत्री और हमीरपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में आयोजित अमेरिका-भारत रणनीतिक साझेदारी मंच के कार्यक्रम में कहा कि ऊर्जा सुरक्षा अब सिर्फ राष्ट्रीय नहीं, बल्कि वैश्विक मुद्दा बन गया है। उन्होंने कहा कि ऊर्जा, अर्थव्यवस्था और पारिस्थितिकी के बीच तालमेल होना अति आवश्यक है।

ठाकुर ने कहा कि भारत का रुख़ स्पष्ट है और विकसित व अमीर देशों से बार-बार आग्रह किया गया है कि 2050 तक कार्बन उत्सर्जन को पूरी तरह कम करें। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऊर्जा तक पहुँच प्रत्येक व्यक्ति का अधिकार है, न कि कुछ विशेषाधिकारियों के लिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने क्षमता निर्माण और आत्मनिर्भरता पर ध्यान केंद्रित किया है।

उन्होंने बताया कि भारत ने राष्ट्रीय महत्वपूर्ण खनिज मिशन शुरू किया है। 2024-25 से 2030-31 तक 1,200 अन्वेषण परियोजनाएँ शुरू की जाएँगी, जिनका उद्देश्य 30 महत्वपूर्ण खनिजों की खोज करना है, जो आर्थिक विकास, राष्ट्रीय सुरक्षा और सौर ऊर्जा के लिए आवश्यक हैं।

ठाकुर ने कहा कि जैसे जलवायु परिवर्तन वैश्विक चुनौती है, वैश्विक ऊर्जा सहयोग भी सफलता की कहानी बन सकती है। उन्होंने कहा कि भारत अब डेटा-संचालित समाज में प्रवेश कर रहा है, और इसके डेटा केंद्र 2030 तक बिजली खपत में जापान और ऑस्ट्रेलिया को पीछे छोड़ देंगे। वर्तमान में भारतीय डेटा केंद्र 13 टेरावाट-घंटे बिजली खपत करते हैं, जो 2030 तक बढ़कर 57 टेरावाट-घंटे हो जाएगी, यानी भारत के कुल बिजली उत्पादन का 2.6 प्रतिशत।

अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि भारत का आर्थिक विकास महत्वपूर्ण है, लेकिन पर्यावरण और स्थिरता भी प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ऊर्जा, अर्थव्यवस्था और पारिस्थितिकी के बीच तालमेल स्थापित कर कार्बन उत्सर्जन को कम और हरित उत्सर्जन को बढ़ाया जा सकता है। भारत ने 2030 तक 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता का लक्ष्य रखा है। वर्तमान में भारत की कुल नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता 227 गीगावाट है। जून 2025 तक भारत की कुल स्थापित बिजली क्षमता 476 गीगावाट हो गई है, जिसमें 50% से अधिक गैर-जीवाश्म स्रोतों से आता है।

ठाकुर ने कहा कि भारत सौर ऊर्जा में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा उत्पादक बन गया है और पवन ऊर्जा में चौथे स्थान पर है। 2.8 करोड़ से अधिक घरों का विद्युतीकरण किया गया है। प्रति व्यक्ति बिजली खपत में 45.8% वृद्धि हुई है और बिजली की कमी 2013-14 में 4.2% से घटकर 2024-25 में केवल 0.1% रह गई है।

उन्होंने यह भी बताया कि भारत स्वच्छ और हरित ऊर्जा के क्षेत्र में वैश्विक साझेदारी को बढ़ावा दे रहा है ताकि सतत विकास और ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

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