अनुराग ठाकुर का जिनेवा में बड़ा बयान — “भारत मानवता और निष्पक्षता का प्रतीक
जिनेवा | पूर्व केंद्रीय कैबिनेट मंत्री और हमीरपुर लोकसभा सांसद श्री अनुराग सिंह ठाकुर ने स्विट्जरलैंड के जिनेवा में आयोजित 151वीं अंतर-संसदीय संघ (IPU) सभा में भारत की ओर से बोलते हुए कहा कि भारत मानवता, तटस्थता, निष्पक्षता और स्वतंत्रता के मूल सिद्धांतों के प्रति पूर्णतः समर्पित है।
उन्होंने “संकट के समय में मानवीय मानदंडों का पालन और मानवीय कार्यों का समर्थन” विषय पर भारत का दृष्टिकोण प्रस्तुत करते हुए कहा कि भारत की मानवीय नीतियां हमेशा से संप्रभुता, अहस्तक्षेप और नैतिक जिम्मेदारी पर आधारित रही हैं। ठाकुर ने कहा कि दुनिया को भू-राजनीतिक मतभेदों और स्वार्थ से ऊपर उठकर मानव गरिमा और वैश्विक एकजुटता के लिए कार्य करना चाहिए।
ठाकुर ने चेतावनी दी कि बढ़ते संघर्षों, प्राकृतिक आपदाओं और घटती मानवीय निधि के बीच बहुपक्षीय सहयोग में आई गिरावट चिंता का विषय है। उन्होंने वैश्विक दक्षिण के देशों को अधिक प्रतिनिधित्व देने और संयुक्त राष्ट्र मानवीय सहायता प्रणाली को मज़बूत करने की आवश्यकता पर बल दिया।
उन्होंने बताया कि भारत ने अब तक 49 संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में 2 लाख से अधिक भारतीय सैनिकों की सेवाएं दी हैं, जो भारत की शांति और सहयोग भावना का प्रमाण है। कोविड-19 महामारी के दौरान भारत ने “वैक्सीन मैत्री” पहल के तहत 100 से अधिक देशों को 301 मिलियन से अधिक वैक्सीन खुराकें भेजीं, जिससे मानवता के प्रति भारत की प्रतिबद्धता स्पष्ट हुई।
अनुराग ठाकुर ने भारत के हालिया ऑपरेशन ब्रह्मा (म्यांमार) और ऑपरेशन सद्भाव (पश्चिम एशिया) का उल्लेख करते हुए कहा कि ये अभियान भारत की संकट के समय सहायता और सहयोग की तत्परता को दर्शाते हैं।
देश के भीतर आपदा प्रबंधन को लेकर उन्होंने बताया कि भारत के पास आपदा प्रबंधन अधिनियम (2005), राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) और राज्य आपदा संस्थान जैसी सशक्त व्यवस्थाएं हैं। NDRF ने अब तक 1.59 लाख लोगों की जान बचाई है और 8.64 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है।
अंत में ठाकुर ने कहा कि भारत की सोच “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के मंत्र पर आधारित है, जो भारत की सभ्यतागत विरासत के साथ-साथ वैश्विक एकजुटता और मानवीय मूल्यों के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को भी प्रकट करता है।