APG शिमला विश्वविद्यालय में ‘एकृति 2025’: सांस्कृतिक विविधता का भव्य उत्सव, एकता का अद्भुत प्रदर्शन
शिमला/26/09/2025
एपीजी शिमला विश्वविद्यालय में शुक्रवार को सांस्कृतिक विविधता और एकता का अद्भुत संगम देखने को मिला। विश्वविद्यालय के साइंस स्कूल ने डीन स्टूडेंट वेलफेयर कार्यालय के मार्गदर्शन में वार्षिक महोत्सव ‘एकृति – संस्कृति के माध्यम से एकता का प्रदर्शन’ का आयोजन अलख ऑडिटोरियम में किया। इस कार्यक्रम का संयोजन डॉ. मनिंदर कौर ने किया।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के वरिष्ठ पदाधिकारी – रजिस्ट्रार प्रो. आर.एल. शर्मा, डीन अकादमिक्स प्रो. आनंद मोहन शर्मा, डीन इंजीनियरिंग प्रो. अंकित ठाकुर और डीन स्टूडेंट वेलफेयर डॉ. नीलम शर्मा उपस्थित रहे। दीप प्रज्वलन के साथ शुरू हुए इस उत्सव का उद्देश्य भारत की “विविधता में एकता” की भावना को जीवंत करना था।
मंच पर छात्रों ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां दीं। दक्षिण भारत की परंपराओं को भरतनाट्यम, कुचिपुड़ी और डोल्लु कुनिता जैसे नृत्यों से दिखाया गया। बंगाल, बिहार और पूर्वोत्तर की सांस्कृतिक झलक ‘उदयलीला’ प्रस्तुति में नजर आई, जबकि ‘K-Hype’ ने K-pop और हिप-हॉप का अंतरराष्ट्रीय स्वाद परोसा। ‘वेद’ नाट्य समिति ने सामाजिक संदेश वाला नाटक प्रस्तुत किया, वहीं कविता पाठ ने भावनाओं को गहराई से छुआ।
लोकनृत्यों की श्रंखला ‘पश्चिमतरंग’ में गरबा, डांडिया, लावणी और घूमर ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। ‘हेरिटेज वॉक’ में छात्रों ने भारत के अलग-अलग राज्यों की पारंपरिक वेशभूषाओं में मंच पर कदम रखकर एकता का अद्भुत प्रदर्शन किया। अंत में ‘रंगउत्तर’ की प्रस्तुति ने उत्तर भारत की संस्कृति – पंजाब का भांगड़ा, हरियाणा की लोकधुन, हिमाचल की सादगी और कश्मीर की आत्मीयता – को जीवंत कर दिया।
रजिस्ट्रार प्रो. आर.एल. शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि विश्वविद्यालय की सांस्कृतिक विविधता यह प्रमाण है कि यहां देश के हर राज्य से छात्र आते हैं और ऐसे आयोजन समावेशी समाज की ओर कदम बढ़ाते हैं। कार्यक्रम का समापन छात्र प्रतिनिधि जान्हवी द्वारा प्रस्तुत धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ।
‘एकृति 2025’ ने साबित कर दिया कि एपीजी शिमला विश्वविद्यालय केवल शिक्षा तक सीमित नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विविधता और एकता को मंच प्रदान करने वाला केंद्र भी है।