हिंदी सिनेमा ने खोया अपना ‘हंसी का खजाना’: 84 वर्ष की आयु में दिग्गज अभिनेता असरानी का निधन
नई दिल्ली/21/10/2025
नई दिल्ली: बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता और हास्य अभिनय के बादशाह असरानी का 84 वर्ष की आयु में निधन हो गया। लंबे समय से बीमार चल रहे असरानी ने शनिवार शाम करीब 4 बजे अंतिम सांस ली। उनके निधन की पुष्टि उनके भतीजे अशोक असरानी ने की है। जयपुर, राजस्थान में जन्मे असरानी ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा सेंट जेवियर्स स्कूल, जयपुर से प्राप्त की थी।
पांच दशक से अधिक लंबे फिल्मी सफर में असरानी ने दर्शकों को हंसी, संवेदना और जीवन से जुड़ी भावनाओं का सुंदर मिश्रण दिखाया। उन्होंने 350 से अधिक फिल्मों में अभिनय किया और भारतीय सिनेमा को कई यादगार किरदार दिए।
‘शोले’ के जेलर से लेकर ‘चुपके चुपके’ के मास्टर तक – हर भूमिका में छोड़ी अमिट छाप
1970 का दशक असरानी के करियर का स्वर्णकाल माना जाता है। वे उस दौर के सबसे भरोसेमंद और प्रतिभाशाली कैरेक्टर आर्टिस्ट बन गए थे। ‘मेरे अपने’, ‘कोशिश’, ‘बावर्ची’, ‘परिचय’, ‘अभिमान’, ‘छोटी सी बात’, ‘रफू चक्कर’ जैसी फिल्मों में उनके अभिनय को खूब सराहा गया।
हालांकि, 1975 में आई ‘शोले’ में सनकी जेल वार्डन के रूप में उनका किरदार आज भी भारतीय सिनेमा के इतिहास में अमर है। उनकी कॉमिक टाइमिंग और संवाद अदायगी आज भी लोगों की जुबां पर है।
निर्देशन में भी दिखाया हुनर
असरानी ने अभिनय के साथ-साथ निर्देशन और लेखन में भी अपनी छाप छोड़ी। उन्होंने 1977 में ‘चला मुरारी हीरो बनने’ नामक फिल्म को लिखा, निर्देशित और उसमें मुख्य भूमिका भी निभाई। इसके अलावा ‘सलाम मेमसाब’ (1979) जैसी फिल्मों का निर्देशन भी किया।
गुजराती सिनेमा में भी चमके असरानी
हिंदी फिल्मों के अलावा असरानी ने गुजराती सिनेमा में भी काम किया और कई यादगार भूमिकाएं निभाईं। 1970 और 1980 के दशक में उन्होंने कई सफल गुजराती फिल्मों में मुख्य भूमिका निभाई, जिससे उन्हें स्थानीय सिनेमा में भी खास पहचान मिली।
आखिरी वर्षों में भी कायम रहा जादू
अपने अंतिम वर्षों में असरानी ने ‘धमाल’ जैसी लोकप्रिय कॉमेडी फिल्मों में काम किया, जहां उनकी सहज कॉमिक टाइमिंग ने नई पीढ़ी के दर्शकों का भी दिल जीता।
उनके निधन की खबर से फिल्म जगत, सहकर्मी कलाकारों और प्रशंसकों में शोक की लहर है। हिंदी सिनेमा ने एक ऐसे कलाकार को खो दिया है, जिसने हंसी को अभिनय की भाषा बनाया और हर किरदार में सादगी और संवेदना का रंग भरा।