बरेली में जुमे की नमाज को लेकर हाई अलर्ट, इंटरनेट बंद और 8000 पुलिस तैनात
उत्तर प्रदेश के बरेली में 26 सितंबर को हुए बवाल के बाद आज जुमे की नमाज को लेकर हाई अलर्ट घोषित किया गया है। इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है और शहर के संवेदनशील क्षेत्रों में पैनी निगरानी के लिए ड्रोन और आई-ट्रिपल सी कैमरों का उपयोग किया जा रहा है। संवेदनशील क्षेत्र को चार सुपर जोन में बांटा गया है और हर जोन की निगरानी एसपी स्तर के अधिकारियों को सौंपी गई है। पुलिस, पीएसी और आरआरएफ के 8,000 से अधिक जवान तैनात किए गए हैं।
26 सितंबर के बवाल के समय मौलाना तौकीर रजा ने जुमा के बाद इस्लामिया ग्राउंड में सभा बुलाई थी, जिसके कारण शहर के लगभग दस स्थानों पर उपद्रव हुआ था। पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल कर हालात को नियंत्रित किया था। इस बवाल में 87 उपद्रवी गिरफ्तार किए गए थे, जिनमें मौलाना तौकीर और उनके कई करीबियों को जेल भेजा गया।
आज सुरक्षा के लिए अतिरिक्त इंतजाम किए गए हैं। ड्रोन सुबह दस बजे से संवेदनशील क्षेत्रों में उड़ेंगे और छतों पर पत्थर तलाशेंगे। इसके लिए सात ड्रोन टीमों को तैनात किया गया है। सभी ड्रोन टीमों के साथ पुलिस की विशेष टीमें भी लगी हैं। किसी भी छत पर पत्थर पाए जाने पर तुरंत रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। संवेदनशील क्षेत्रों में भीड़ जमाने की इजाजत नहीं होगी और रूफटॉप ड्यूटी भी लगाई गई है।
सादा कपड़ों में 200 पुलिसकर्मी जनता के बीच रहकर निगरानी करेंगे और किसी भी खुराफात की सूचना तुरंत अधिकारियों तक पहुंचाएंगे। गुरुवार शाम एडीजी रमित शर्मा और कमिश्नर भूपेंद्र एस. चौधरी के नेतृत्व में शहर में पैदल गश्त निकाली गई। अधिकारियों ने स्थानीय लोगों से बातचीत कर सुरक्षा का भरोसा दिया और कहा कि कानून का पालन करने वालों के साथ पुलिस हर कदम पर मौजूद है, लेकिन खुराफाती तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।