भारत आत्मनिर्भरता और सांस्कृतिक जागरण के स्वर्णकाल में प्रवेश कर चुका है: अनुराग ठाकुर
IIT दिल्ली के "Rendezvous 25" कार्यक्रम में युवाओं को किया संबोधित
नई दिल्ली | पूर्व केंद्रीय मंत्री और हमीरपुर से सांसद श्री अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा है कि भारत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज राष्ट्रीय स्वाभिमान और सांस्कृतिक चेतना के स्वर्णकाल में प्रवेश कर चुका है। उन्होंने यह बात नई दिल्ली स्थित IIT दिल्ली में आयोजित प्रतिष्ठित छात्र महोत्सव “Rendezvous 25” में युवाओं को संबोधित करते हुए कही।
अनुराग ठाकुर ने कहा कि भारत अब किसी भी वैश्विक दबाव में झुकने वाला नहीं है और न ही कोई उसे तोड़ सकता है। उन्होंने कहा कि भारत का भविष्य हमारे तकनीकी रूप से दक्ष, नवोन्मेषी और सृजनशील युवाओं के हाथों में है, जो आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में एक निर्णायक भूमिका निभा रहे हैं।
IIT दिल्ली के छात्रों की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि यह संस्थान देश की ऊर्जा, नवाचार और रचनात्मकता का प्रतिनिधित्व करता है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के हालिया वक्तव्य को दोहराते हुए कहा, "भारत को अब किसी देश पर निर्भर रहना मंजूर नहीं है। हम अपने दम पर आत्मनिर्भर बनकर दिखाएंगे।" अनुराग ठाकुर ने कहा कि यह संदेश उन ताकतों के लिए है जो यह सोचकर बेचैन हैं कि भारत क्यों नहीं झुकता और क्यों नहीं टूटता।
उन्होंने जानकारी दी कि आज भारत में 123 यूनिकॉर्न स्टार्टअप मौजूद हैं, जिनमें से 27 की स्थापना IIT दिल्ली के पूर्व छात्रों ने की है, और ये स्टार्टअप लगभग 1.43 लाख नौकरियां पैदा कर चुके हैं। भारत इस समय विश्व का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है। स्टार्टअप इंडिया, फंड ऑफ फंड्स और सीड फंड जैसी योजनाएं युवाओं को नवाचार और उद्यमशीलता में भागीदारी का सशक्त मंच प्रदान कर रही हैं।
देश की बढ़ती वैश्विक साख पर बोलते हुए अनुराग ठाकुर ने कहा, “आज भारत आर्थिक क्षेत्र, कूटनीति और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई जैसे हर मोर्चे पर अग्रणी बन रहा है। यह ‘नया भारत’ है, जो न सिर्फ आत्मनिर्भर है, बल्कि आत्मविश्वासी भी है। यह सब संभव हुआ है 140 करोड़ भारतवासियों की सामूहिक शक्ति और विशेषकर युवाओं के जोश के कारण।
उन्होंने चेतावनी दी कि भारत की प्रगति से ईर्ष्यालु ताकतें, चाहे वो अंदर हों या बाहर, इसे रोकने की कोशिश कर रही हैं। युवाओं को इस तरह के दुष्प्रचार और प्रभावों से बचने की सलाह देते हुए उन्होंने कहा, “देशविरोधी ताकतें हमारे आत्मबल को कमजोर करना चाहती हैं। हमें अपने लक्ष्य से नहीं भटकना है।
कार्यक्रम के अंत में अनुराग ठाकुर ने युवाओं का आह्वान किया कि वे अपनी रचनात्मकता, तकनीकी ज्ञान और देशभक्ति को राष्ट्र निर्माण में लगाएं और आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को पूरा करने में सहभागी बनें। उन्होंने कहा, “आइए, हम सब मिलकर यह संकल्प लें कि हम भारत को एक विकसित और शक्तिशाली राष्ट्र बनाएंगे — और कोई भी ताकत हमें इसमें बाधा नहीं डाल सकेगी।