भ्रष्टाचार केस में विधायक संजय अवस्थी को हाईकोर्ट से नहीं मिली राहत
शिमला/16/09/2025
शिमला। हिमाचल प्रदेश के विधायक संजय अवस्थी को भ्रष्टाचार और जालसाजी के आपराधिक मामले में प्रदेश हाईकोर्ट से कोई राहत नहीं मिली है। राज्य सरकार ने खुद ही उनके खिलाफ दर्ज केस को वापस लेने संबंधी अपना आवेदन कोर्ट से वापिस ले लिया है। यह मामला हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश रंजन शर्मा की खंडपीठ में सुना गया।
दरअसल, संजय अवस्थी पर आरोप है कि जब वे वर्ष 2001 में सोलन नगर परिषद के पार्षद थे, तब उन्होंने हरियाणा के विक्रमजीत सिंह मलिक नामक क्रिकेट खिलाड़ी को गलत ढंग से हिमाचल का निवासी बताने वाला प्रमाणपत्र जारी किया। इस प्रमाणपत्र के आधार पर विक्रमजीत ने तहसीलदार से बोनाफाइड हिमाचली प्रमाणपत्र हासिल कर लिया और फिर हिमाचल प्रदेश की क्रिकेट टीम में शामिल हुआ। अदालत ने इस पूरे प्रकरण को नियमों का उल्लंघन माना है।
विशेष न्यायाधीश सोलन की अदालत ने 21 अप्रैल 2022 को इस मामले में आरोप तय करते हुए कहा था कि संजय अवस्थी के खिलाफ आईपीसी की धारा 467, 468 और 120बी के अलावा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1)(d)(ii) व 13(2) के तहत मामला बनता है। कोर्ट ने कहा कि अवस्थी द्वारा जारी प्रमाणपत्र झूठा था और इसका इस्तेमाल करके विक्रमजीत ने फर्जी तरीके से हिमाचली प्रमाणपत्र प्राप्त किया।
संजय अवस्थी ने हाईकोर्ट की एकल पीठ में याचिका दायर कर दावा किया था कि राज्य सरकार उनके खिलाफ दर्ज केस को वापस लेने जा रही है। लेकिन कोर्ट ने सरकार से इस दावे पर स्पष्ट निर्देश पेश करने को कहा। इसके बाद सरकार ने खंडपीठ में आवेदन दायर किया, लेकिन अब खुद ही वह आवेदन वापिस ले लिया गया है। इससे यह साफ हो गया है कि अब संजय अवस्थी के खिलाफ केस जारी रहेगा और उन्हें फिलहाल किसी भी तरह की राहत नहीं मिली है। मामला अभी विशेष न्यायाधीश सोलन की अदालत में विचाराधीन है।