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बिजली महादेव रोपवे पर NGT का संज्ञान, 25 नवंबर तक मांगा विभागों से जवाब

कुल्लू/28/09/2025

mahadev

कुल्लू: हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले की खराहल घाटी में प्रस्तावित बिजली महादेव रोपवे प्रोजेक्ट का विरोध अब नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) तक पहुंच गया है। एनजीटी ने मामले में संज्ञान लेते हुए हिमाचल सरकार, केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट लिमिटेड, केंद्रीय प्रदूषण बोर्ड, वन विभाग, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और उपायुक्त कुल्लू को नोटिस जारी कर अगली सुनवाई से पहले जवाब दाखिल करने को कहा है। अगली सुनवाई 25 नवंबर को होगी।

यह कार्रवाई स्थानीय निवासी नचिकेता शर्मा की याचिका पर हुई है। उन्होंने एनजीटी को बताया कि इस परियोजना को बिना आवश्यक अध्ययन और पर्यावरणीय आकलन के मंजूरी दी गई है। याचिका में हाल ही में मानसून के दौरान परियोजना स्थल पर हुए भूस्खलन का भी हवाला दिया गया और रोपवे निर्माण को रोकने की मांग की गई। जानकारी के अनुसार, अब तक इस परियोजना के लिए देवदार के 77 पेड़ काटे जा चुके हैं।

करीब 2.4 किलोमीटर लंबे इस रोपवे का स्थानीय लोग तीन साल से विरोध कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इससे पर्यावरण को नुकसान होगा और धार्मिक आस्था को ठेस पहुंचेगी। इसी कड़ी में बिजली महादेव रोपवे विरोध समिति के सदस्यों ने ढालपुर में एडीएम से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। समिति ने मांग की कि जब तक एनजीटी का फैसला नहीं आ जाता, तब तक रोपवे का निर्माण कार्य बंद होना चाहिए।

एचपीएमसी के पूर्व उपाध्यक्ष राम सिंह ने कहा कि जब एनजीटी ने संज्ञान ले लिया है, तो सबसे पहले यहां चल रहे निर्माण कार्य को रोका जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्थानीय जनता और जिला कुल्लू के देवी-देवता भी इस परियोजना के खिलाफ हैं। समिति अध्यक्ष सुरेश कुमार ने कहा कि रोपवे के विरोध में पहले भी कई धरने-प्रदर्शन किए जा चुके हैं, सरकार को जनता की भावनाओं का सम्मान करते हुए परियोजना रद्द करनी चाहिए। उन्होंने चेताया कि अगर मांग पूरी नहीं हुई तो लोग दिल्ली के जंतर मंतर तक आंदोलन ले जाएंगे।

इस परियोजना का शिलान्यास मार्च 2024 में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने वर्चुअल माध्यम से किया था। पिरडी से बिजली महादेव मंदिर तक बनने वाले इस रोपवे का निर्माण कार्य नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट लिमिटेड को सौंपा गया है। रोपवे के बन जाने से श्रद्धालु और सैलानी महज 7 मिनट में मंदिर तक पहुंच सकेंगे।

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