बिलासपुर में 10 साल की बच्ची ने 1098 पर लगाई मदद की पुकार, बोली — अब माता-पिता के साथ नहीं रहना
बिलासपुर | हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर ज़िले के भराड़ी क्षेत्र से एक बेहद भावनात्मक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने समाज को बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य और पारिवारिक वातावरण पर गहराई से सोचने को मजबूर कर दिया है।
यहां एक 10 वर्षीय बच्ची ने चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर खुद फोन कर अपने माता-पिता के साथ रहने से साफ इंकार कर दिया।बच्ची ने हेल्पलाइन पर बताया कि उसके घर में रोज़ाना झगड़े, तनाव और मारपीट होती है, जिससे वह मानसिक रूप से टूट चुकी है। उसने कहा कि अब वह किसी भी हाल में अपने माता-पिता के साथ नहीं रहना चाहती। मामले की सूचना मिलते ही महिला एवं बाल विकास विभाग और भराड़ी पुलिस सक्रिय हुई।
पुलिस टीम महिला कांस्टेबल के साथ बच्ची के घर पहुंची और माता-पिता से पूछताछ की। पुलिस ने उन्हें सख्त चेतावनी दी कि वे भविष्य में बच्ची के साथ किसी भी प्रकार की हिंसा या डांट-फटकार न करें। इसके बाद भी जब बच्ची अपने फैसले पर अडिग रही, तो पंचायत प्रतिनिधियों को भी बुलाया गया। करीब छह घंटे तक समझाने के बाद भी बच्ची अपनी बात पर कायम रही और अपने ‘आज़ाद जीवन’ की मांग करती रही।
आखिरकार, महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों ने बच्ची को अपने संरक्षण में ले लिया है। पुलिस उपाधीक्षक विशाल वर्मा ने बताया कि बच्ची को फिलहाल विभाग की सुरक्षा में रखा गया है और मामले की गहन जांच जारी है। यह मामला सिर्फ एक परिवार की कहानी नहीं, बल्कि समाज के लिए एक गहरी सीख है कि बच्चों की मानसिक शांति और सुरक्षा भी उतनी ही जरूरी है जितनी शारीरिक सुरक्षा।