NEWS CHOICE

निष्पक्ष खबर, बेबाक अंदाज

बस स्टैंड में हुए लैंडस्लाइड के बाद कई घर खतरे में

9 दिन बाद भी प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं, स्थानीयों में गहरा रोष

truck

किन्नौर | किन्नौर जिले के पर्यटन स्थल सांगला में भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन ने करोड़ों रुपये से निर्मित बस स्टैंड और आसपास के कई रिहायशी घरों को खतरे में डाल दिया है। शुक्रवार को छितकुल-रक्षम मार्ग पर सड़क धंसने से एक ट्रक खाई में लटक गया। इस घटना ने स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

2016 में बना बस स्टैंड अब खतरे की जद में


यह बस स्टैंड 2016 में तत्कालीन मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और वर्तमान राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी द्वारा उद्घाटित किया गया था। बारिश और लैंडस्लाइड के चलते बस स्टैंड की नींव दरक चुकी है और आसपास के कई मकानों में दरारें आने लगी हैं, जिससे लोग डरे हुए हैं।

पहले भी हो चुका है लैंडस्लाइड, लेकिन कोई सबक नहीं लिया गया


इस साल 2 सितंबर को इसी स्थान पर लैंडस्लाइड हुआ था, लेकिन प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। अब 9 दिन बाद भी हालात जस के तस हैं। न कोई सुरक्षा दीवार बनी है, न ही स्थायी मरम्मत का कार्य शुरू हुआ है।

सड़क संपर्क टूटने का भी खतरा


टोंगटोंगे नाले के पास कंक्रीट की सुरक्षा दीवार न होने के कारण सांगला और छितकुल को जोड़ने वाली मुख्य सड़क भी टूटने की कगार पर है। यदि तुरंत उपाय नहीं किए गए तो क्षेत्र का संपर्क बाकी इलाकों से कट सकता है।

प्रशासन का दावा: वैकल्पिक मार्ग से हो रहा यातायात

तहसीलदार हरदयाल सिंह ने बताया कि फिलहाल यातायात को कामरू वैकल्पिक मार्ग की ओर मोड़ दिया गया है। वहीं, बीआरओ 68 आरसीसी के ओसी प्रदीप सिंह ने कहा कि वे मौके का निरीक्षण कर जल्द मार्ग बहाली के कदम उठाएंगे।


स्थानीय लोगों की मांग: तुरंत हो सुरक्षा इंतज़ाम

स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से तत्काल सुरक्षा दीवार और राहत कार्य शुरू करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि हर दिन खतरा बढ़ता जा रहा है, और यदि देरी हुई तो एक बड़ा हादसा हो सकता है।

Scroll to Top