बुशहर रियासत के राजकुमार की पहले शाही शादी अब बने राजा तो दूसरी शादी होगी साधारण
शिमला।20।08।2025
हिमाचल प्रदेश की राजनीति और शाही घराने से जुड़ी बड़ी खबर इन दिनों सुर्खियों में है। लोक निर्माण और शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह एक बार फिर विवाह के बंधन में बंधने जा रहे हैं। लेकिन इस बार उनकी शादी में न तो शाही जश्न होगा और न ही कोई हाई-प्रोफाइल रिसेप्शन। यह विवाह बेहद सादगीपूर्ण और पारिवारिक माहौल में संपन्न होगा। विक्रमादित्य सिंह, छह बार मुख्यमंत्री रहे स्वर्गीय वीरभद्र सिंह और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह के पुत्र हैं। शिमला ग्रामीण से विधायक और सुक्खू सरकार में मंत्री, विक्रमादित्य ने अपनी शिक्षा शिमला, दिल्ली और लंदन से प्राप्त की है। वे 2013 से राजनीति में सक्रिय हैं और दो बार लगातार विधायक चुने जा चुके हैं। उनकी पहली शादी 2019 में राजस्थान के आमेट राजघराने की राजकुमारी सुदर्शना चूड़ावत से हुई थी, जो शाही ठाठ-बाट और भव्य आयोजनों के कारण चर्चा में रही। हालांकि, कुछ वर्षों बाद रिश्ते में दरार आ गई और अंततः तलाक हो गया। अब 22 सितंबर को विक्रमादित्य सिंह अपनी दूसरी शादी करने जा रहे हैं। उनका विवाह चंडीगढ़ में डॉ. अमरीन कौर सेखों से होगा, जो पंजाब यूनिवर्सिटी में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं और मनोविज्ञान में पीएचडी कर रही हैं। अमरीन ने इंग्लिश और साइकोलॉजी में मास्टर्स किया है और हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से भी पढ़ाई की है। यह उनकी पहली शादी होगी। शादी की रस्में सिख रीति-रिवाज "आनंद कारज" के अनुसार सुबह 10 बजे होंगी। दोपहर 1 बजे लंच के बाद दुल्हन के साथ शिमला लौटकर होली लॉज में वधू प्रवेश होगा। इस मौके पर केवल 8–10 परिवारों को आमंत्रित किया जाएगा। न कोई रिसेप्शन होगा और न ही कोई बड़ा जश्न। माता प्रतिभा सिंह ने कहा कि शादी सादगी से होगी और यह एक छोटा-सा पारिवारिक आयोजन रहेगा। इस नई शुरुआत के साथ विक्रमादित्य सिंह की निजी जिंदगी एक नए मोड़ पर कदम रख रही है, जो सादगी और आपसी समझदारी का संदेश देती है।