केंद्र सरकार ने आठवें वेतन आयोग को दी मंजूरी, 50 लाख कर्मचारियों और पेंशनर्स को बड़ा तोहफा
नई दिल्ली/28/10/2025
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने आखिरकार करोड़ों कर्मचारियों की लंबी मांग पूरी कर दी है। मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के Terms of Reference (ToR) को मंजूरी दे दी गई। इस फैसले से देशभर के करीब 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 69 लाख पेंशनर्स को सीधा फायदा मिलेगा। अब यह आयोग अगले 18 महीनों के भीतर अपनी सिफारिशें (recommendations) सरकार को सौंपेगा।
सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट ब्रीफिंग में बताया कि यह आयोग सैलरी, पेंशन और भत्तों (allowances) की समीक्षा करेगा ताकि महंगाई के असर से कर्मचारियों की आय सुरक्षित रह सके। सरकार ने इस आयोग की औपचारिक शुरुआत भी मंजूरी के साथ कर दी है।
कौन संभालेगा आठवें वेतन आयोग की कमान?
सरकार ने आयोग का गठन कर इसकी टीम भी तय कर दी है। जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई को आयोग की चेयरपर्सन बनाया गया है, जबकि प्रोफेसर पुलक घोष और पंकज जैन को सदस्य (Members) के रूप में शामिल किया गया है।
यह आयोग एक अस्थायी संस्था (Temporary Body) के रूप में काम करेगा और जरूरत पड़ने पर अंतरिम रिपोर्ट (Interim Report) भी सौंप सकता है।
सैलरी स्ट्रक्चर, पेंशन और भत्तों में हो सकता है बड़ा बदलाव
8वां वेतन आयोग सैलरी रिवीजन के साथ-साथ पेंशन और भत्तों में भी सुधार के सुझाव देगा। आयोग की रिपोर्ट में इस बात का विशेष ध्यान रखा जाएगा कि सरकारी खर्च बढ़ने से देश की आर्थिक स्थिति पर दबाव न पड़े और राजकोषीय अनुशासन (Fiscal Discipline) बना रहे।
कर्मचारियों की यूनियन के मुताबिक, इस फैसले से उनके मनोबल में बढ़ोतरी हुई है और उन्हें उम्मीद है कि 1 जनवरी 2026 से नया वेतनमान लागू हो जाएगा।
हर 10 साल में बनता है नया वेतन आयोग
भारत में हर 10 साल पर वेतन आयोग गठित करने की परंपरा है।
7वां वेतन आयोग फरवरी 2014 में बना था और 1 जनवरी 2016 से लागू हुआ।
अब 8वां वेतन आयोग 2025-26 में लागू होने की तैयारी में है।
सरकार महंगाई भत्ते (Dearness Allowance - DA) में हर 6 महीने में बदलाव करती है ताकि महंगाई का असर कर्मचारियों पर कम पड़े। यदि नए पे स्ट्रक्चर के साथ DA में भी सुधार किया गया तो कर्मचारियों की नेट सैलरी में अच्छा खासा इजाफा होगा।
किस-किस मुद्दे पर फोकस करेगा आयोग
8th Pay Commission कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर फोकस करेगा, जिनमें शामिल हैं:
देश की आर्थिक हालत और राजकोषीय अनुशासन।
राज्यों की वित्तीय स्थिति और उनके खर्च का आकलन।
नॉन-कॉन्ट्रिब्यूटरी पेंशन स्कीम्स का वित्तीय प्रभाव।
विकास और जनकल्याण पर सरकारी खर्च का संतुलन।
सरकारी कर्मचारियों और निजी क्षेत्र की सैलरी की तुलना।
यह आयोग केवल सैलरी बढ़ाने का नहीं, बल्कि देश के वित्तीय संतुलन और कर्मचारियों के हित के बीच सामंजस्य बनाने का काम करेगा।
किसानों के लिए भी खुशखबरी: रबी फसलों पर 37,952 करोड़ की सब्सिडी मंजूर
कर्मचारियों के साथ-साथ किसानों के लिए भी सरकार ने बड़ा ऐलान किया है। कैबिनेट ने न्यूट्रिएंट बेस्ड सब्सिडी (NBS) को मंजूरी दी है, जिसके तहत रबी सीजन की फसलों के लिए 37,952 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी जाएगी। इससे उर्वरकों की कीमतों में स्थिरता रहेगी और किसानों पर बढ़ते खर्च का बोझ कम होगा।
कब मिलेगा 8वें वेतन आयोग का फायदा?
सरकार के अनुसार, आयोग की रिपोर्ट आने और उसे मंजूरी मिलने के बाद ही नया वेतनमान लागू होगा। फिलहाल लक्ष्य 1 जनवरी 2026 तय किया गया है। इसका असर न सिर्फ केंद्रीय कर्मचारियों पर बल्कि राज्यों के कर्मचारियों और पेंशनर्स पर भी पड़ेगा, क्योंकि अधिकांश राज्य केंद्र की सिफारिशों को अपनाते हैं।
आठवें वेतन आयोग की मंजूरी केंद्र सरकार का एक बड़ा कदम है, जो न केवल कर्मचारियों की आय और भत्तों में सुधार लाएगा बल्कि देश के आर्थिक ढांचे में भी संतुलन बनाए रखने का प्रयास करेगा। छठ पर्व के मौके पर यह फैसला करोड़ों परिवारों के लिए एक त्योहार जैसा तोहफा साबित हुआ है।