चंबा आपदा पर भाजपा का वार: प्रदेश संकट में लेकिन मुख्यमंत्री दरभंगा चले गए
शिमला/28/08/2025
शिमला। हिमाचल प्रदेश में लगातार बारिश, बादल फटने और भूस्खलन से हालात बिगड़े हुए हैं, लेकिन मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के रवैये को लेकर विपक्ष ने कड़ा रुख अपनाया है। भाजपा के प्रदेश वरिष्ठ प्रवक्ता त्रिलोक कपूर ने सरकार को घेरते हुए कहा कि जिस प्रकार “रोम जल रहा था और नीरो बांसुरी बजा रहा था”, वही स्थिति आज हिमाचल प्रदेश की है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब चंबा जिला प्राकृतिक आपदा से बुरी तरह प्रभावित है, तब मुख्यमंत्री वहां जाने की बजाय दरभंगा चले गए।
“चंबा में हालात भयावह, लेकिन सीएम नदारद”
त्रिलोक कपूर ने कहा कि चंबा जिले में भारी बारिश और बादल फटने से हालात अत्यंत दयनीय हैं। भरमौर क्षेत्र में एक गांव रावी नदी के बढ़ते जलस्तर से क्षतिग्रस्त हो गया, वहीं होली क्षेत्र का एक गांव भी आपदा की चपेट में आ गया। जगह–जगह भूस्खलन से जान–माल का भारी नुकसान हुआ है। जिले की 80 प्रतिशत सड़कें बंद हैं, संचार, पेयजल और बिजली व्यवस्था पूरी तरह ठप है। मणिमहेश यात्रा पर निकले हजारों श्रद्धालु रास्तों में फंसे हुए हैं और उनके परिजन उनसे संपर्क न होने के कारण चिंतित हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री को तुरंत चंबा पहुंचना चाहिए था, लेकिन उन्होंने दरभंगा का रुख किया।
“आपदा से बेहाल प्रदेश, मंत्री विदेश सैर पर”
भाजपा नेता ने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब सरकार ने गैर-जिम्मेदारी दिखाई। जुलाई के अंत में मंडी जिले के सिराज, नाचन और करसोग क्षेत्रों में आपदा से भारी तबाही हुई थी। उस समय भी सैकड़ों सड़कें क्षतिग्रस्त हो गईं, गांव तबाह हो गए और जन–धन की भारी क्षति हुई। बावजूद इसके प्रदेश सरकार में निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह और कुछ कांग्रेस विधायक कोरिया और जापान की यात्रा पर निकल गए।
उन्होंने आरोप लगाया कि स्मार्ट सिटी परियोजना का अध्ययन करने के नाम पर की गई इस विदेश यात्रा में लगभग 70 लाख रुपये खर्च हुए, जबकि धर्मशाला और शिमला में स्मार्ट सिटी का काम पहले ही पूरा हो चुका है। ऐसे में इस यात्रा का कोई औचित्य नहीं था, बल्कि इसने प्रदेश की आर्थिक हालत को और कमजोर कर दिया।
“जनता देख रही है कांग्रेस की असंवेदनशीलता”
त्रिलोक कपूर ने कहा कि कांग्रेस सरकार की प्राथमिकता जनता की सुरक्षा और राहत कार्य नहीं, बल्कि गांधी परिवार की चापलूसी है। उन्होंने दावा किया कि अनुभवहीन नेतृत्व और आपसी कलह के चलते कांग्रेस सरकार जल्द ही गिर सकती है।
उन्होंने कहा, “प्रदेश की जनता कांग्रेस सरकार की असंवेदनशीलता और गैर-जिम्मेदाराना रवैये से पूरी तरह अवगत हो चुकी है। आने वाला समय भाजपा का है। यह पाँच वर्ष का नहीं, बल्कि बीस वर्ष का शासनकाल होगा।”