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चंबा: 8 साल के बच्चे को पीटने वाले JBT शिक्षक सस्पेंड, कान का हुआ ऑपरेशन—शिक्षा विभाग की सख्त कार्रवाई

चंबा/30/10/2025

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हिमाचल प्रदेश में स्कूलों में बच्चों पर हिंसा के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। रोहड़ू में महिला टीचर द्वारा बच्चे के साथ मारपीट का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि चंबा ज़िले में एक और चिंताजनक घटना सामने आ गई। मेहला ब्लॉक के सरकारी प्राइमरी स्कूल तागी में एक JBT शिक्षक पर आठ साल के छात्र को पीटने के गंभीर आरोप लगे हैं, जिसके बाद शिक्षा विभाग ने तत्काल प्रभाव से शिक्षक को निलंबित कर दिया है।

मामला तब सामने आया जब कथित मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वीडियो में देखा जा सकता है कि शिक्षक छात्र के साथ गलत व्यवहार कर रहा है। बच्चे के परिजनों ने आरोप लगाया कि शिक्षक ने कान को इतनी जोर से खींचा कि बच्चे को कान में गंभीर चोट लग गई और उसे चंबा में ऑपरेशन कराना पड़ा। परिवार ने यह भी बताया कि पहले भी इस शिक्षक के खिलाफ शिकायतें की गई थीं।

जांच के बाद शिक्षा विभाग ने कार्रवाई करते हुए JBT शिक्षक अश्वनी कुमार को निलंबित कर दिया है। निलंबन के आदेश जिला प्राथमिक शिक्षा उपनिदेशक कार्यालय, चंबा द्वारा जारी किए गए हैं। आदेश के अनुसार, निलंबन अवधि के दौरान शिक्षक को अपने निर्धारित मुख्यालय—खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय कलेह (नक्कड़)—में ही उपस्थित रहना होगा, और अनुमति के बिना मुख्यालय नहीं छोड़ सकेगा। यह कार्रवाई सरकारी सेवक आचरण नियम, 1964 एवं CCS (CCA) नियम, 1965 के तहत की गई है।

बच्चे के पिता का कहना है कि मुल्ज़िम शिक्षक अक्सर स्कूल देर से आता था और उनकी पत्नी, जो स्कूल में मिड-डे-मील वर्कर है, को बच्चों की निगरानी करने को कहता था। उन्होंने आरोप लगाया कि अनुशासनहीनता और मारपीट की घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं। वहीं शिक्षक ने अपने ऊपर लगे आरोपों को नकारते हुए दावा किया है कि उसके साथ साज़िश हो रही है और वह विभागीय जांच में सहयोग करेगा।

चंबा के डीसी मुकेश रेस्पाल ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि जांच के आदेश दे दिए गए हैं और विभाग से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है।

बता दें कि हाल ही में शिमला के रोहड़ू में महिला टीचर द्वारा कांटेदार झाड़ियों से बच्चे को पीटने का मामला भी सामने आया था, जिसके बाद महिला शिक्षक को तुरंत निलंबित कर दिया गया था।

इन लगातार घटनाओं ने अभिभावकों और शिक्षा विभाग दोनों को झकझोर कर रख दिया है, और अब स्कूलों में शिक्षक अनुशासन व छात्र सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं।

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