चीन का गोल्ड रश: 11 महीनों में लगातार सोने का भंडार बढ़ा, वैश्विक असर की संभावना
चीन ने पिछले 11 महीनों में लगातार अपने गोल्ड रिजर्व को बढ़ाया है, जिससे दुनिया भर में सोने की कीमतों पर असर पड़ने की संभावना है। चीन की स्टेट एडमिनिस्ट्रेशन ऑफ फॉरेन एक्सचेंज के ताजा आंकड़ों के अनुसार, पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना (PBOC) ने सितंबर में 1.24 टन सोना खरीदकर अपने कुल भंडार को 2303.52 टन तक पहुंचा दिया। नवंबर 2024 से अब तक चीन ने कुल 39.2 टन सोना खरीदा है।
2025 में चीन ने अब तक 22.7 टन सोना खरीदा है, जबकि 2024 में 44.2 टन की खरीदारी की गई थी। यह कदम वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और भू-राजनीतिक तनाव के बीच लिया गया है। सितंबर में चीन के विदेशी मुद्रा भंडार में सोने का मूल्य बढ़कर 368.89 अरब डॉलर हो गया, जो अगस्त में 364.31 अरब डॉलर था। अब सोने की हिस्सेदारी कुल विदेशी भंडार में 7.7 फीसदी हो गई है।
वैश्विक स्तर पर अगस्त में केंद्रीय बैंकों ने कुल 15 टन सोना खरीदा। कजाखस्तान सबसे बड़ा खरीदार रहा और 8 टन सोना खरीदा। बुल्गारिया, तुर्किए, उज्बेकिस्तान और घाना ने 2-2 टन खरीदा, जबकि रूस ने 3 टन और इंडोनेशिया ने 2 टन सोना बेचा।
विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले महीनों में भी गोल्ड रिजर्व में बढ़ोतरी जारी रह सकती है। जुलाई 2025 तक वैश्विक केंद्रीय बैंकों के पास कुल 36,359.5 टन सोना मौजूद था। यह कदम देशों की आर्थिक सुरक्षा को सुनिश्चित करने और वैश्विक बाजार में उतार-चढ़ाव से बचने के लिए उठाया जा रहा है।