गोल्ड जमा कर रहा चीन, दुनिया की सबसे बड़ी इकॉनमी बनने की तैयारी!
चीन लगातार अपने गोल्ड रिजर्व में इज़ाफा कर रहा है और अब यह भंडार ऑल-टाइम हाई पर पहुंच चुका है। अगस्त 2025 में पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना ने लगातार सातवें महीने सोने की खरीदारी की, जिससे देश का आधिकारिक गोल्ड स्टॉक अब 2,300.4 टन हो गया है।
डॉलर टर्म में यह भंडार 253.8 अरब डॉलर का है, जो चीन के कुल विदेशी मुद्रा भंडार का 7.6% हिस्सा है। जानकारों का मानना है कि यदि चीन को अमेरिका को पछाड़कर दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनना है, तो उसके पास कम से कम 8,000 टन सोने का भंडार होना चाहिए। अमेरिका के पास वर्तमान में 8,133.5 टन गोल्ड रिजर्व है, जो उसके कुल रिजर्व का 78% है, जबकि चीन अभी इस लक्ष्य से काफी दूर है।
गोल्ड रिजर्व की दौड़ में जर्मनी (3,350 टन), इटली (2,452 टन), फ्रांस (2,437 टन) और रूस (2,330 टन) भी शामिल हैं। चीन का टारगेट फिलहाल 5,000 टन का है, जिसे वह धीरे-धीरे पूरा कर रहा है। जानकारों का कहना है कि यूक्रेन युद्ध के बाद से कई देश डॉलर पर निर्भरता घटाकर गोल्ड जैसे सुरक्षित एसेट्स में निवेश कर रहे हैं।
इस साल सोने की कीमत में लगभग 40% तक की तेजी देखी गई है। चीन के अलावा पोलैंड जैसे देश भी भारी मात्रा में सोने की खरीद कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में गोल्ड रिजर्व वैश्विक आर्थिक शक्ति के निर्धारण में बड़ी भूमिका निभाएगा, और चीन इसी दिशा में मजबूत कदम उठा रहा है।