नेरचौक मेडिकल कॉलेज में जल्द शुरू होगी रोबोटिक सर्जरी — सीएम सुक्खू बोले, स्वास्थ्य सेवाओं में नया युग आएगा
मंडी/14/10/2025
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने आज श्री लाल बहादुर शास्त्री राजकीय मेडिकल कॉलेज, नेरचौक (मंडी) में आयोजित कार्यक्रम आईआरआईएस-2025 की अध्यक्षता करते हुए राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए कई बड़ी घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि इसी वर्ष नेरचौक मेडिकल कॉलेज में रोबोटिक सर्जरी शुरू की जाएगी, जिससे प्रदेश में चिकित्सा सुविधाओं का स्तर राष्ट्रीय मानकों तक पहुंचेगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि एमआरआई मशीन की स्थापना के लिए 28 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं, जो अगले दो महीनों में अस्पताल में स्थापित कर दी जाएगी। वहीं, कैथ लैब परियोजना के लिए 12 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं, जिनमें से 9 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में हिमाचल के सभी मेडिकल कॉलेजों में एम्स दिल्ली की तर्ज पर एक ही ब्लड सैंपल से 100 से अधिक जांचें संभव होंगी। इसके लिए राज्य सरकार ने 75 करोड़ रुपये की स्मार्ट डायग्नोस्टिक लैब परियोजना को मंजूरी दी है।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि पिछली भाजपा सरकार ने प्रदेश का खजाना लुटा दिया और संसाधनों का सही उपयोग नहीं किया। “अगर वह धन सही दिशा में खर्च होता तो आज हमारे अस्पताल अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होते,” उन्होंने कहा। उन्होंने यह भी बताया कि शिमला चमियाणा अस्पताल और टांडा मेडिकल कॉलेज में पहले ही रोबोटिक सर्जरी की सुविधा शुरू की जा चुकी है, जहां अब तक 45 ऑपरेशन रोबोटिक तकनीक से सफलतापूर्वक किए जा चुके हैं।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीकी क्रांति लाने के लिए ठोस कदम उठाए हैं। टेक्नीशियन और विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए मेडिकल कॉलेजों में सीटें बढ़ाई गई हैं, साथ ही डिपार्टमेंट ऑफ इमरजेंसी मेडिसिन में 38 पदों की स्वीकृति भी दी गई है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में शिक्षा व्यवस्था में आए बदलावों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने सत्ता में आने के बाद शिक्षा गुणवत्ता सुधार को प्राथमिकता दी, जिसके चलते हिमाचल की रैंकिंग अब 21वें से बढ़कर 5वें स्थान पर पहुंच गई है। उन्होंने कहा कि “राज्य के हर विधानसभा क्षेत्र में राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल खोले जा रहे हैं, पहली कक्षा से अंग्रेज़ी माध्यम लागू किया गया है और 100 सरकारी स्कूलों को सीबीएसई पैटर्न पर लाया जा रहा है।”
पूर्व सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा ने “राजनीतिक लाभ के लिए बिना सुविधाओं के स्कूल खोले,” इसलिए राज्य सरकार को उन्हें बंद करने का कठिन निर्णय लेना पड़ा।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने अपने छात्र जीवन को याद करते हुए कहा कि उन्होंने राजनीति की शुरुआत कॉलेज जीवन में की और 26 वर्ष की आयु में शिमला नगर निगम के पार्षद बने। “सफलता हर बार नहीं मिलती, लेकिन असफलता हमें और मजबूत बनाती है,” उन्होंने छात्रों से कहा।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कॉलेज के छात्रों को सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए 5 लाख रुपये की अनुदान राशि देने की घोषणा भी की।
इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल, विधायक चंद्रशेखर, अनिल शर्मा, इंद्र सिंह गांधी, पूर्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर और प्रकाश चौधरी, पूर्व सीपीएस सोहन सिंह ठाकुर, राज्य कौशल विकास निगम के समन्वयक अतुल कड़ोहता, एपीएमसी अध्यक्ष संजीव गुलेरिया, कांग्रेस नेता जगदीश रेड्डी, विजय पाल सिंह, जीवन ठाकुर, नरेश चौहान, लाल सिंह कौशल, पवन ठाकुर, चंपा ठाकुर सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।