CM सुक्खू आज करेंगे वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात
हिमाचल के लिए 1500 करोड़ रुपये के स्पेशल पैकेज और लोन लिमिट बढ़ाने की करेंगे मांग
शिमला/29/10/2025
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू आज दिल्ली में केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात करेंगे। इस दौरान वे वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से विशेष रूप से राज्य की आर्थिक स्थिति और वित्तीय चुनौतियों पर विस्तृत चर्चा करेंगे। बताया जा रहा है कि सीएम सुक्खू केंद्र सरकार से 1500 करोड़ रुपये के विशेष राहत पैकेज को जारी करने की मांग करेंगे, जिसकी घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 10 सितंबर को हिमाचल दौरे के दौरान की थी।
मुख्यमंत्री सुक्खू वित्त मंत्री के समक्ष राज्य के GST नुकसान, घटती राजस्व अनुदान (RDG) और बंद पड़े GST कंपनसेशन जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाएंगे। उनका कहना है कि जीएसटी लागू होने के बाद हिमाचल जैसे छोटे राज्यों को वित्तीय मोर्चे पर भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है। साथ ही, हालिया प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान ने राज्य की आर्थिक स्थिति को और कमजोर कर दिया है।
सीएम सुक्खू निर्मला सीतारमण से हिमाचल की लोन लिमिट बढ़ाने का भी अनुरोध करेंगे। राज्य सरकार का तर्क है कि पुरानी पेंशन योजना (OPS) लागू होने के बाद केंद्र ने NPS के तहत बंद किए गए 1600 करोड़ रुपये के लोन को फिर से बहाल किया जाना चाहिए, ताकि राज्य की वित्तीय स्थिति में स्थिरता लाई जा सके।
दिल्ली दौरे के दौरान सीएम सुक्खू की मुलाकात 16वें वित्त आयोग के चेयरमैन अरविंद पनगढ़िया से भी हो सकती है। यह उनकी उनसे पांचवीं बैठक होगी, जिसमें वह अगले वित्त आयोग में हिमाचल को राजस्व घाटा अनुदान (RDG) बढ़ाने की मांग दोहराएंगे। वित्त आयोग से यह मुलाकात राज्य के भविष्य की वित्तीय नीति के लिए बेहद अहम मानी जा रही है।
राज्य सरकार का कहना है कि प्रधानमंत्री की घोषणा के बाद भी अब तक केंद्र से राहत पैकेज जारी नहीं हुआ है, जबकि आपदा से हुई तबाही की जांच के लिए कई केंद्रीय मंत्री पहले ही हिमाचल का दौरा कर चुके हैं। सीएम सुक्खू दिल्ली में इस विषय पर स्पष्टता लाने की कोशिश करेंगे और केंद्र से जल्द राहत पैकेज जारी करने का आग्रह करेंगे।
दिल्ली से लौटने के बाद मुख्यमंत्री का मंडी जिले का दौरा प्रस्तावित है, जहां वे आपदा प्रभावित क्षेत्रों के लिए स्थानीय राहत पैकेज की घोषणा कर सकते हैं। हालांकि, मंडी दौरे का आधिकारिक कार्यक्रम अभी तय नहीं हुआ है।
इस दौरे को हिमाचल के लिए वित्तीय मोर्चे पर निर्णायक माना जा रहा है, क्योंकि राज्य सरकार लगातार केंद्र से आर्थिक सहायता और सहयोग की मांग कर रही है ताकि आपदा से उबरने के साथ-साथ विकास कार्यों को भी गति दी जा सके।