दार्जिलिंग में भूस्खलन और बारिश का कहर: 14 की मौत, सभी पर्यटन स्थल बंद
नेशनल डेस्क/05/10/2025
उत्तर बंगाल में रात भर लगातार हुई मूसलाधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। दार्जिलिंग जिले के मिरिक और सुखिया पोखरी इलाकों में भीषण भूस्खलन (Landslides) के कारण अब तक 14 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। दार्जिलिंग जिला पुलिस द्वारा चलाए जा रहे बचाव अभियान के कारण मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका बनी हुई है।
भारी बारिश और भूस्खलन के कारण पश्चिम बंगाल और सिक्किम के बीच सड़क संपर्क पूरी तरह से टूट गया है। दार्जिलिंग और सिलीगुड़ी के बीच मुख्य सड़क बंद है। NH10 (चित्रे, सेल्फी दारा) और NH717A में कई भूस्खलन स्थल आने के कारण यातायात बाधित है। कलिम्पोंग से तीस्ता बाजार होते हुए दार्जिलिंग जाने वाली सड़क बाढ़ के कारण बंद है। कोरोनेशन ब्रिज के रास्ते सिक्किम और दार्जिलिंग पहाड़ियों की ओर जाने वाला संपर्क मार्ग भी अवरुद्ध हो गया है। पुलिस ने यात्रियों से लावा-गोरुबाथान मार्ग का उपयोग करने की सलाह दी है।
उत्तर बंगाल के जलपाईगुड़ी, सिलीगुड़ी और कूचबिहार के कई निचले इलाकों में गंभीर जलभराव की स्थिति है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने क्षेत्र में खराब मौसम की चेतावनी जारी की है, जो 7 अक्टूबर तक जारी रहने की संभावना है। सिक्किम के सभी छह जिलों के लिए भी रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जिसमें मध्यम गरज, बिजली गिरना, भारी बारिश और 30-40 किमी प्रति घंटे की तेज हवाओं का अनुमान है। अधिकारियों ने भूटान की स्थिति के कारण उत्तर बंगाल में अचानक बाढ़ (Flash Flood) आने की चेतावनी भी दी है।
भारी बारिश और भूस्खलन का सीधा असर पर्यटन पर पड़ा है। गोरखालैंड प्रादेशिक प्रशासन (GTA) ने दार्जिलिंग के टाइगर हिल और रॉक गार्डन सहित सभी पर्यटन स्थलों को बंद करने का फैसला किया है। दार्जिलिंग टॉय ट्रेन सेवाएं भी स्थगित कर दी गई हैं।
पश्चिम बंगाल में विपक्षी नेता शुभेंदु अधिकारी ने राज्य सरकार से तुरंत कार्रवाई करने का आग्रह किया है। उन्होंने मुख्य सचिव से संचार नेटवर्क की शीघ्र बहाली और भोजन, पानी, दवाइयाँ और अस्थायी आश्रयों जैसी राहत सामग्री प्राथमिकता के आधार पर वितरित करने का निर्देश देने की मांग की है। अधिकारी निवासियों और यात्रियों से सावधानी बरतने और सड़क तथा मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखने का भी आग्रह कर रहे हैं।
भूस्खलन और बारिश के कारण राहत और बचाव अभियान जारी है, लेकिन स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है और लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।